एचएमटी वॉच ग्रुप बंद होने की खबर से कंपनी के कर्मचारी असमंजस में हैं। प्रबंधन ने नौ से 11 सितंबर के बीच वीआरएस के लिए आवेदन करने की तिथि नियत की थी, जिसके लिए उत्तराखंड की रानीबाग इकाई में कार्यरत 526 कर्मियों में 116 ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है।
हाल ही में वॉच ग्रुप को लेकर बंगलूरू में प्रबंधन के साथ यूनियन की बैठक हुई थी, जिसमें वीआरएस के लिए सहमति बनाने का प्रयास हुआ था। सूत्रों के अनुसार एचएमटी कर्मियों का वेतनमान 1992 के बाद से नहीं बढ़ा था।
अंदरखाने इस बात की मांग की जा रही थी कि 2007 के केंद्रीय वेतनमान देकर अगर वीआरएस दिया जाए तो विचार हो सकता है। 1992 के वेतनमान के अनुरूप वीआरएस मिलने पर कर्मियों को लगभग 15-16 लाख रुपए मिलते, जबकि 2007 के वेतनमान से 25 से 40 लाख रुपए मिलेंगे।
प्रबंध निदेशक की ओर से पत्र आने पर खलबली
प्रबंधन ने 2007 के केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वीआरएस देने का मन बना लिया
है। प्रबंधन ने कर्मचारियों को नौ से 11 सितंबर (तीन दिन) तक का समय
वीआरएस के लिए आवेदन करने को दिया था।
सूत्रों के अनुसार रानीबाग इकाई में प्रबंध निदेशक की ओर से पत्र आने पर खलबली मच गई। रानीबाग इकाई के 526 में 116 कर्मियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है।
जबकि बंगलूरू की दो इकाईयों में कार्यरत सभी 48 कर्मियों, स्पेशल वाच केस डिवीजन के सभी 42 कर्मियों, तुंगपुर के 334 में 282 और वाच मार्केटिंग डिवीजन के 72 में से लगभग 57 कर्मियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है।
आर्डिनेंस फैक्ट्री में मर्ज हो कारखाना
एचएमटी इंप्लाइज यूनियन
के महामंत्री प्रकाश मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि
एचएमटी रानीबाग को आर्डिनेंस फैक्ट्री में मर्ज किया जाए। रानीबाग इकाई
में नॉर्थ इंडिया में सबसे अच्छी मशीन और टूल रूम है।
उन्होंने कहा
कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने भी इसको आर्डिनेंस फैक्ट्री में मर्ज
करने को कहा था। आर्डिनेंस फैक्ट्री बनने से लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने
कहा कि जो कर्मी वीआरएस लेना चाहते हैं वे स्वेच्छा से लें, लेकिन जो
नौकरी करना चाहते हैं उन्हें सरकार अवसर दे। कारखाने में 10-12 साल से काम
कर रहे कर्मचारी फैक्ट्री बंद होने से सड़क पर आ जाएंगे।