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Hindi diwas 2024:नई पीढ़ी में लिखने-पढ़ने की आदत को पंख लगा रहा दून पुस्तकालय, ये की नई पहल

Sat, 14 Sep 2024 02:29 PM IST
रेनू सकलानी खुशी रावत, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

दून पुस्तकालय बच्चों में पढ़ने की आदत को पंख लगा रहा है। पुस्तकालय में बच्चों के लिए एक रंग-बिरंगा सेक्शन है। इसमें लगभग 500 से 600 किताबें हैं।
 
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दून लाइब्रेरी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में बच्चों में लिखने-पढ़ने की कम होती आदत अभिभावकों के लिए चिंता बढ़ा रही है। नई पीढ़ी में लिखने-पढ़ने की आदत को बढ़ाने के लिए दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में बच्चों के लिए अलग से बाल विभाग बनाकर नई पहल की गई है। जहां बच्चों के लिए लिखने-पढ़ने की आदत को पंख लग रहे हैं। शुरुआती दौर में इस पुस्तकालय के लिए 12 बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है, जो हिंदी-अंग्रेजी भाषा की किताबें पढ़ने के लिए यहां आ रहे हैं।

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यह विभाग 7 से 15 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए है। इसमें बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पुस्तकें उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में बच्चों के लिए एक रंग-बिरंगा सेक्शन है। जिसमें छोटी कुर्सियां और टेबल, सजावटी सामान, छोटे आकार के बुक स्टोर हैं। जहां आकर्षक किताबें रखी गई हैं। ताकि बच्चे खुद किताबें उठाकर पढ़ सकें। इसमें लगभग 500 से 600 किताबें हैं। यहां कहानियां, कविताओं के साथ-साथ बच्चों के लिए प्रसिद्ध हैरी पॉटर शृंखला, एनसाइक्लोपीडिया और शब्दकोश भी शामिल हैं।

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खास बात यह है कि बच्चों ने स्वयं ही किताबें लिखने के साथ-साथ उनका चित्रण भी किया है। इस विभाग में एक संग्रहालय भी मौजूद है। जिसमें बच्चों ने किताबों के साथ-साथ अंग्रेजों के जमाने की घड़ी और खुद से बनाई हुई पेंटिंग आदि दान की है।

पुस्तकालय की वार्षिक सदस्यता शुल्क मात्र 100 रुपये है। जबकि 500 रुपये सुरक्षा राशि है, जो एक साल के बाद वापस कर दी जाएगी। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए यह सदस्यता निशुल्क है। सदस्यता के तहत बच्चे हर 15 दिन में दो पुस्तकें जारी व रीडिंग रूम इस्तेमाल कर सकते हैं।

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विशेष कक्षाओं का आयोजन
बाल विभाग प्रभारी मेघा ने बताया, अभी 12 बच्चों ने सदस्यता ली है। वर्तमान में बच्चे शनिवार और रविवार को पुस्तकालय में आते हैं। बच्चों के लिए कहानी सुनाने, क्विज व अन्य गतिविधियों का भी आयोजन कराया जाता है। इसके साथ ही महीने में दो बार बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का भी आयोजन कराया जाता है।

हाल ही में फन इन फ्रेंच की क्लास का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को बेसिक फ्रेंच सिखाई गई। फिल्म स्क्रीनिंग और वाद विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही सुधा मूर्ति की गोपी की डायरी व गूसबंप्स जैसी हॉरर कहानियों के अलावा जौनसारी, गढ़वाली और कुमाऊंनी पुस्तकों का भी संग्रह है। 
 
सबसे पहले सदस्यता लेने वाले दून इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीन के अरिहंत मित्तल ने बताया कि वह उनके दादा के साथ पिछले दो तीन साल से पुस्तकालय आ रहें हैं। हॉरर किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। - अरिहंत मित्तल

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हिल ग्रेंज स्कूल की पांचवीं कक्षा की छात्र ने बताया कौमिक्स कहानियां पसंद है। पिछले महीने ही सदस्यता ली। पुस्तकालय में आकर अपना होमवर्क खत्म करके नई नई किताबें पढ़ती हैं। पुस्तकालय का माहौल देखकर ही पढ़ने की प्रेरणा मिली। - अंबर
 
कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल की पांचवीं कक्षा की छात्र ने बताया कि सभी प्रकार की किताबें पढ़ना पसंद है। फिलहाल कोई किताब जारी नहीं करवाई है। खासतौर पर अंग्रेजी इनसाइक्लोपीडिया पढ़ना पसंद है। - लावन्या बिष्ट
 
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