मान्यता हिंदी की, पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से
अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि विद्यालय की मान्यता भी हिंदी माध्यम से ली गई है, जबकि शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से प्रदान की जा रही है। चैरिटी की सूची भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस दौरान आयोग के सदस्य विनोद कपरवाण, खंड शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह, विधि अधिकारी ममता रौथाण, बाल मनोवैज्ञानिक निशांत, इकबाल, बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल मौजूद रहे।
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शिकायत में ये लगाए गए हैं आरोप
आयोग को मिली शिकायत में कहा गया है कि स्कूल के प्रस्ताव की तिथि, नियमावली पंजीकृत विधान के अनुसार नहीं है। भवन गैरकानूनी ढंग से बनाया गया है। भूमि उपयोग, शिक्षक-शिक्षिकाओं का वेतन संदेहास्पद है। मुस्लिम शिक्षकों को अधिक और हिंदू शिक्षकों को कम वेतन दिया जा रहा है। मुस्लिम छात्राएं हिजाब पहनकर आती हैं। कक्षा के बीच में नमाज पढ़ने के लिए बच्चों को पास के मदरसे में ले जाया जाता है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति के मुखिया की भारतीय सेना की वर्दी में फोटो, प्रबंधन समिति में सीमा पार के लोगों का उल्लेख होने, शिक्षा, लोनिवि, एमडीडीए से संबंधित अनियमितताओं की शिकायतें भी शामिल हैं।