धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाभीढांग, ऊं पर्वत और गुंजी की पहाड़ियों पर बृहस्पतिवार रात मौसम का पहला हल्का हिमपात हुआ है। इससे यात्रा मार्ग में ठंड बढ़ गई है। हालांकि हिमपात अधिक नहीं हुआ है, लेकिन इसने इस बार अच्छी बर्फबारी के संकेत दे दिए हैं। इधर, मुनस्यारी में आसमान बादलों से ढका रहा, लेकिन यहां चोटियों पर हिमपात नहीं हुआ है। शुक्रवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम सुहावना बना रहा।
मौसम विभाग ने शनिवार को राजधानी दून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान दिनभर में दो से तीन दौर की बारिश होने का अनुमान है।
वहीं, 23 और 24 सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत अन्य क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया सितंबर अंत या अक्तूबर पहले सप्ताह में मानसून की वापसी हो सकती है। उससे पहले प्रदेश में एक या दो दौर की बारिश हो सकती है।
पीपलकोटी में बंड क्षेत्र में गडोरा गांव में हो रहे भू-धंसाव से क्षेत्र के दस मकानों को खतरा बना है। भारी बारिश होने पर ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों में शरण ले रहे हैं। वहीं आदर्श इंटर कॉलेज गडोरा का भवन भी भू-धंसाव की चपेट में आ गया है।
प्रभावित रमेश बंडवाल, बंशी लाल, शिवचरण, सुरेश बनवाल, पुष्कर लाल, केशव, अनिल, दिनेश, देवेंद्र और डबला लाल का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से समय रहते भू-धंसाव का ट्रीटमेंट कार्य नहीं किया गया तो मकानों और गोशालाओं को भारी नुकसान हो जाएगा।
प्रभावितों ने शीघ्र भू-धंसाव क्षेत्र में सुरक्षा के उपाय करने की मांग की। एसडीएम (सदर) परमानंद राम का कहना है कि भू-धंसाव की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। मौसम सामान्य होने के बाद प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट कर दिया जाएगा।