नेता और नौकरशाह। प्रदेश में ‘व्हाइट कॉलर’ का प्रतिनिधित्व करने वाले कई लोगों के दामन पर काली करतूतों के दाग लगते रहे हैं।
राजधानी में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से कुछ पर मुकदमे चल रहे हैं, जबकि कुछ में युवतियों के पीछे हटने पर फाइलें बंद हो चुकी हैं।
शासन में अपर सचिव जेपी जोशी के बाद हरियाणा के सोनीपत के पूर्व सांसद का बेटा प्रदीप सांगवान का नाम ऐसे मामलों में शामिल है।
अब रुद्रपुर में एक पीसीएस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद शर्मसार करने वाली वारदातों की याद ताजा हो गई है।
नौकरी और शादी के नाम पर करते रहे शोषण
शादी और नौकरी दिलाने के नाम यौन शोषण की घटनाओं के ग्राफ मे लगातार इजाफा हो रहा हैं लेकिन ऐसे मामलों में वीआईपी की संलिप्तता हैरान करती है।
अपर सचिव जेपी जोशी उत्पीड़न केस से नौकरशाहों की छवि को गहरा आघात लगा था। यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के इस खेल में कांग्रेस की एक नेत्री के साथ खुद पीड़िता को भी जेल जाना पड़ा।
अपर सचिव के बाद पूर्व सांसद का बेटा
ताजा मामला सोनीपत के पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान का है।
सहस्त्रधारा के जॉयलैंड वाटर पार्क के मालिक सांगवान के खिलाफ महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न के साथ अश्लील फुटेज तैयार कर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे।
हालांकि मामला जांच में उलझा होने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
उत्तराखंड के एक मंत्री पर भी थे आरोप
इससे पूर्व एक मंत्री पर दिल्ली की छात्रा ने यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, लेकिन जांच में यह खारिज हो गया। यह खादीधारी कई साल पहले भी ऐसे मामले में फंसा था, लेकिन तब भी साक्ष्य न मिलने पर उसे क्लीन चिट मिल गई थी।
प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी महिला ने यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन जांच में आरोप साबित नहीं हो सका।