कृषि भूमि का इस्तेमाल अब व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं हो सकेगा। नैनीताल हाईकोर्ट ने बीते दिनों एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कृषि भूमि को गैर कृषि घोषित करने पर रोक लगा दी है।
आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा
शासन के उप सचिव संतोष बडोनी का एक पत्र हाईकोर्ट के आदेश के साथ सोमवार को यहां एसडीएम कार्यालय पहुंचा है, जिसमें आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
यह रोक तब तक रहेगी, जब तक राज्य सरकार इस संबंध में स्पष्ट नीति बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत नहीं करती है।
हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस बारिन घोष और जज वीके बिष्ट की खंडपीठ ने 29 मई को यह आदेश राम सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
इसमें कृषि भूमि को सेक्शन 143 के तहत गैर कृषि करने पर रोक लगा दी गई है। अगर कोई किसान है, तो उसको मानवीय दृष्टिकोण के तहत अपना घर बनाने के लिए छूट होगी।
देखना होगा कि असल में लाभ किसे मिले
आदेश में कहा गया है कि अगर किसान भूमि को गैर कृषि कार्य घोषित कर मॉल, होटल और ग्रुप हाउसिंग कांप्लेक्स आदि का निर्माण करना चाहता है, तो यह देखना होगा कि इसका असल में लाभ किसे मिलेगा।
हालांकि वर्तमान में राज्य सरकार के पास इसे तय करने को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
ऐसे में राज्य सरकार इस आदेश के क्रम में एक नीति बनाकर कोर्ट के सामने प्रस्तुत करे, तब तक कृषि भूमि को व्यावसायिक कार्यों के इस्तेमाल के लिए रोक लगाई जाती है।
एसडीएम हरवीर सिंह का कहना है कि यह आदेश सोमवार को पहुंचा है।