सेलाकुई क्षेत्र में सिडकुल की ओर से औद्योगिक प्लाट का निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन करने के मामले में हाईकोर्ट ने मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए सिडकुल को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश पारित किए हैं।
मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई।
जनहित याचिका पर दिया आदेश
सिटीजन फॉर ग्रीन दून ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सेलाकुई क्षेत्र में सिडकुल ने ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ काटकर औद्योगिक प्लाटिंग कर भू-उपयोग परिवर्तन कर दिया है।
जनहित याचिका में कहा गया कि इसके लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से कोई अनुमति नहीं ली गई है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही न्यायालय ने सिडकुल को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश भी जारी किए हैं।