हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में कक्षाएं प्रारंभ करने को लेकर पारित आदेश का पालन न होने पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव न्याय और डीएम ऊधमसिंह नगर को अवमानना नोटिस जारी किया है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों को छह मार्च को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश भी दिया।
हाईकोर्ट ने पूर्व में किच्छा में खुरपिया और पराग फार्म में सीलिंग की 1800 एकड़ भूमि में से मात्र 25 एकड़ भूमि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित करने के आदेश दिए थे। नैनीताल निवासी याचिकाकर्ता डॉ. भूपाल सिंह भाकुनी ने अवमानना याचिका दायर कर सरकार पर हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया था। याची के मुताबिक कोर्ट का आदेश था कि सितंबर 2018 तक यहां कक्षाएं शुरू कर दी जाएं।
यह नहीं किया गया। सरकार की मंशा उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार परक शिक्षा देने के बजाय बेशकीमती जमीन को बेचने की है। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खुलने से यहां के युवाओं को न्यायिक क्षेत्र में रोजगार के साथ ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
याची ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, प्रमुख सचिव न्याय, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को पक्षकार बनाया है। एकलपीठ ने मुख्य सचिव सहित अन्य पक्षकार अधिकारियों को छह मार्च को व्यक्तिगत रूप से प्रगति रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश होने के आदेश दिया है। कोर्ट ने 11 जनवरी को यह आदेश पारित किया था। आदेश की प्रति 17 जनवरी को जारी की गई।