पंचेश्वर बांध परियोजना से संबंधित दायर जनहित याचिका पर सुनवाई में उच्च न्यायालय ने अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को 11 अगस्त तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिया है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी पक्षकार बनाने को कहा है।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गंगोलीहाट (जिला पिथौरागढ़) निवासी रोहित ने पंचेश्वर बांध को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याची का कहना था कि सरकार अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत में बांध से संबंधित सुनवाई कर रही है।
यह गलत है। सरकार को जन सुनवाई करने से पहले लोगों को बांध बनने से होने वाले लाभ और हानि की जानकारी देनी चाहिए थी और यह भी बताना चाहिए था कि कितने लोगों को मुआवजा दिया जाएगा तथा प्रभावितों को कहा विस्थापित किया जाएगा। सरकार ने इन बातों को ध्यान में न रखते हुए जन सुनवाई की अधिसूचना जारी कर दी।