साइबर ठग ने व्हॉटसएप पर डीएम की फोटो लगाकर एसडीएम को मैसेज भेज मदद मांगी। संदेह होने पर एसडीएम ने डीएम को फोन कर मामले से अवगत कराया। फेक आईडी की बात सामने आने पर डीएम के आदेश पर इस मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मंगलवार को विकासनगर के एसडीएम विनोद कुमार के फोन पर डीएम डॉ. आर राजेश कुमार की फोटो लगी व्हाटसएप आईडी से मैसेज आया कि ‘हेलो विनोद कुमार आप कैसे हैं’। वह कुछ समझ पाते कि तुरंत बाद दूसरा मैसेज आया ‘आप इस समय कहां हैं।’ वह मैसेज का जवाब देने ही वाले थे कि तभी तीसरा मैसेज आ गया। मैसेज पर मैसेज देखकर एसडीएम असमंजस में पड़ गए। उस मैसेज में यह भी कहा गया था कि ‘मैं एक जरूरी मीटिंग में हूं, कुछ जरूरी मदद चाहिए।’
इस पर उन्हें संदेह हुआ। थोड़ी देर सोचकर एसडीएम ने डीएम को फोन कर मैसेज के संबंध में बात की। उन्होंने मैसेज भेजने से इनकार करते हुए मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल के माध्यम से कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में फेक आईडी बनाने की पुष्टि हुई है। यह जानकारी मिल रही है कि राजस्थान में किसी स्थान से यह फेक आईडी संचालित की जा रही थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही मैसेज भेजने वाले का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। उधर, देहरादून के पुलिस कप्तान डीआईजी जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि मामले मुकदमा कर मामले की जांच की जा रही है।
फोटो लगाकर कोई बात करे तो सूचित करें : डीएम
फेक आईडी से विकासनगर के एसडीएम को व्हॉटसएप मैसेज आने के बाद डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि कोई व्यक्ति उनकी व्हॉटसएप पर फोटो लगाकर कॉल या मैसेज करे तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल के नंबर 1930 पर शिकायत करें।