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नो एंट्री के बावजूद शहर में दौड़ रहे भारी वाहन

Sat, 08 Feb 2014 01:48 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की मौत भी पुलिस विभाग को नींद से नहीं जागा पाई। इनकी मौत का कारण बने ट्रक और लोडर शुक्रवार को भी प्रतिबंधित समय में शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते रहे।
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ऐसा नहीं है कि सड़कों पर पुलिस नहीं थी, लेकिन सबकुछ देखकर भी अनदेखा करने का मतलब समझना मुश्किल नहीं है। सवाल यह है कि लोगों की मौत के लिए ये वाहन जिम्मेदार हैं या लापरवाह पुलिस।

हाईकोर्ट का भी है निर्देश
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश और ओवर लोडिंग पर हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी किया हुआ है। शहर में सुबह आठ से रात दस बजे तक इन वाहनों का प्रवेश वर्जित है। लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। शहर में हादसों के अलावा जाम का कारण भी ट्रक और लोडर जैसे वाहन बनते हैं।
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यह निकाला तोड़
नो एंट्री के नियम से बचने के लिए कुछ वाहन मालिकों ने छोटे लोडर सड़कों पर उतार दिए हैं। लेकिन ज्यादा माल ढोने के चक्कर में इनकी बॉडी मानक से ज्यादा ऊंची बनवाई है।

ऐसे लोडर पूरे दिन में शहर में धड़ल्ले से दौड़ते नजर आते हैं। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर देता है।

खनन वाहन भी मुसीबत
शहर में ट्रक और ओवरलोड वाहन मुसीबत बने हुए हैं तो बाहरी इलाकों में खनन सामग्री से लदे वाहन। अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि खनन में लगे वाहनों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।

इसी तरब के एक मामले में तत्कालीन एसएसपी केवल खुराना ने नया गांव पेलियो चौकी के पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।

दिन में यहां चलते हैं भारी वाहन
पटेलनगर, भूसा स्टोर, निरंजनपुर सब्जी मंडी, राजपुर रोड, सुभाष रोड और हरिद्वार रोड।

यहां दौड़ते हैं खनन वाहन
नया गांव पेलियो, प्रेमनगर, सहसपुर, गणेशपुर, आईएसबीटी, कारगी रोड, मियांवाला, नत्थनपुर, रायपुर, नवादा और सहस्त्रधारा रोड आदि।

सहारनपुर रोड पर ट्रकों का कब्जा
सहारनपुर रोड पर निरंजनपुर आईटीआई पर ट्रकों, लोडर और छोटे हाथी का दिन रात बोलबाला रहता है। आईटीआई के पास चमन विहार को इंडस्ट्रियल एरिया की तरह इस्तेमाल किया जाता हैं।

सब्जीमंडी पर बना रहता है खतरा
आईटीआई से थोड़ा आगे सब्जी मंडी हैं। यहां पर इससे बुरा हाल होता है। ट्रक चालक जैसे मर्जी वैसे इधर-उधर दौड़ते और मुड़ते रहते हैं।

एक मंडी में जा रहा होता है तो एक सड़क पर खड़ा होता है। एक धर्मकांटे पर जा रहा होता है तो दूसरा मंडी की तरफ मुड़ रहा होता है। दिन रात यहां ऐसा ही दृश्य बना रहता है। इससे जाम तो लगता ही है हादसे का भी डर बना रहता है। इन्हें कंट्रोल करने के लिए यहां पर कोई पुलिस वाला भी नहीं होता है।
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