फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जलप्रलय के बाद केदारनाथ में बर्फ की 'बरसात'

Wed, 13 Nov 2013 05:57 PM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में आई आपदा के बाद मौसम ने अपना अलग रंग दिखाना शुरू कर दिया है। आपदा से पहले मई-जून में मौसम बहुत गरम रहा फिर बाद में करीब चार माह से ऊपर बारिश होती रही।
विज्ञापन


अब सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है। अन्य वर्षों की तुलना में इस बार केदारधाम में बर्फबारी और ठंड भी ज्यादा है। आमतौर पर नवंबर माह के अंत तक केदारनाथ धाम में एक ईंच तक ही बर्फ गिरती है। लेकिन इस बार नंवबर माह के प्रथम सप्ताह में डेढ़ से दो फीट बर्फ जम चुकी है। यहां तक कि धाम के करीब चार किलोमीटर नीचे तब बर्फबारी हुई। बुजुर्गो के अनुसार, ऐसा मौका करीब तीन दशक बाद आया है।

अभी भी रुक-रुक कर बारिश
इस वर्ष जून माह में भारी बारिश होने से केदारनाथ जल प्रलय की घटना हुई। लगभग चार माह तक बारिश होती रही। अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अक्तूबर माह से ही केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी। अक्तूबर माह के अंत में केदारनाथ की ऊंची चोटियों के साथ ही मंदिर परिसर में बर्फ गिरी।
विज्ञापन


पांच नवंबर को मंदिर के कपाट बंद होने के अगले दिन से तीन दिन तक भारी बर्फबारी हुई। अभी धाम में बर्फबारी होने की सूचना है। बर्फबारी के कारण पुलिस टीम को नीचे आना पड़ा। जबकि पिछले वर्षों तक दिसंबर माह के अंत तक टीम नीचे आती थी।

2006 में भी यही स्थिति
ऐसा नजारा दशकों बाद दिखाई दे रहा है। वर्ष 2007 में कपाट बंद होने के बाद धाम में तैनात रह चुके एसआई बिपिन पाठक के अनुसार, दिसंबर माह के अंत में पहली बर्फबारी हुई थी। इससे पूर्व 2006 में भी यही स्थिति थी। इस वर्ष बहुत ही ज्यादा बर्फबारी हुई और पानी भी जम गया। गुप्तकाशी निवासी 97 वर्षीय वैद्य राधाकृष्ण किमोठी बताते हैं कि 80 के दशक में ऐसी ठंड पड़ती थी। नवंबर माह में बर्फ गिरना बहुत सालों बाद हुआ है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें