बुधवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से आए मलबे के कारण सगवाड़ा गांव में एक मकान ढह गया जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि गोशाला में बंधे दस मवेशी भी मलबे में दफन हो गए।
वहीं कई जगह लोगों के मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है।
बुधवार को थराली-कुराड़ मोटर मार्ग से बारिश के साथ आए भारी मलबे के कारण आलम सिंह (65 वर्षीय) का मकान ढह गया और वह मलबे में दब गए।
ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और 108 की मदद से थराली अस्पताल ले जाने लेकिन बीच रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
बिजली गिरने से एक की मौत
चमोली जिले के थराली तहसील मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर मेन गांव में बुधवार रात को बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेज दिया है।
राजस्व उप निरीक्षक मदन लाल ने बताया कि पृथ्वी सिंह अपनी पत्नी के साथ गांव से करीब एक किमी ऊपर खरक में था।
देर रात से शुरू बारिश के दौरान वह लघु शंका के लिए बाहर आया था। इसी दौरान तेज आवाज के साथ हुए वज्रपात से उसकी मौत हो गई।
उसकी पत्नी ने रात को ही घटना की सूचना गांव में परिवार को दी, जिस पर परिजन व अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
टिहरी में भूस्खलन, घरों में घुसा मलबा
नरेंद्रनगर (टिहरी)। टिहरी के डौर गांव में भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार रात हुई बारिश से डौर गांव के छह आवासीय मकानों में मलबा घुस गया। लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। मलबे से खेतों को भी भारी नुकसान हुआ है।
बृहस्पतिवार को दिनभर लोग मलबा साफ करते रहे। प्रभावितों का कहना है कि वर्ष 2011 में हुई तबाही उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने गांव के विस्थापन की मांग की।