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उत्तराखंड: बादलों ने बरपाया कहर, पिथौरागढ़ में पहाड़ी दरकी, कई वाहन और तीन लोग बरसाती नाले में बहे

Sat, 02 Jun 2018 06:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/पिथौरागढ़/बागेश्वर/देहरादून
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flood - फोटो : amarujala
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उत्तराखंड के पहाड़ों में शुक्रवार शाम को हुई बारिश राहत के साथ आफत लेकर आई। तीन दिनों से गर्मी झेल रहे लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी। 

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पिथौरागढ़ में मूनाकोट ब्लॉक के धौलकांडा गांव में मूसलाधार बारिश के बीच ढाई बजे निर्माणाधीन मड़मानले-दोबांस मार्ग पर जोरदार आवाज के साथ पहाड़ी दरक गई।

पौड़ी जिले के थलीसैंण के बमोर्थ गांव में अतिवृष्टि से गोशालाएं मलबे में दब गई, जबकि स्योली तल्ली गांव में दो दोपहिया वाहन नाले में बह गया।

एक परिवार के तीन लोग गदेरे के उफान में बह गए

rain in uttarakhand
टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक में कई गदेरे उफान पर आ गए, जिससे दो पुलिया, पेयजल लाइनें और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक के गंगटाड़ी गांव में नेपाली मूल के एक परिवार के तीन लोग गदेरे (बरसाती नाले) के उफान में बह गए।

आस-पास के लोगों ने किसी तरह पति-पत्नी को बचा लिया लेकिन उनकी सात वर्षीया पुत्री का कहीं पता नहीं चल सका है। शनिवार की सुबह 17 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने नाले में बही बच्ची का शव बरामद कर लिया। बडियार पावर हाउस की नहर के मुहाने से पुलिस व एसडीआरएफ के रेस्क्यू दल ने उसे बरामद किया।

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे कई जगहों पर अवरुद्ध हो गया। इससे लगभग तीन घंटे तक लंबा जाम लग गया। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से विजयनगर में बनी वैकल्पिक पुलिया जलमग्न हो गई।
 

आज भी कहीं ओले पड़ेंगे तो कहीं आएगी आंधी

hail strom
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने ताजा बारिश को मानसून पूर्व की बारिश बताया है।

अगले 24 घंटों के भीतर कहीं-कहीं ओलावृष्टि एवं 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना जताई है।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार पांच जून से दस जून तक झमाझम बारिश होगी। उन्होंने कहा कि 15 से 25 जून के बीच मानसून उत्तराखंड में दस्तक दे सकता है।
 
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हाईवे अवरुद्ध होने से आठ घंटे थमी बदरीनाथ यात्रा

badrinath highway
बारिश से हाईवे पर कई जगह मलबा आने से शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक बदरीनाथ धाम की यात्रा थमी रही। इस दौरान हजारों तीर्थयात्री बीच में ही फंस गए।

अधिकांश यात्रियों को अपने वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। दोपहर करीब ढाई बजे हाईवे खुलने पर करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्री गंतव्य को रवाना हो पाए। गुरुवार की रात करीब दो बजे जोशीमठ क्षेत्र में जोरदार बारिश शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक जारी रही। बारिश से टैय्या पुल से लेकर गोविंदघाट तक पांच जगहों पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया।

शुक्रवार सुबह तक हाईवे नहीं खुलने पर यात्रा भी थम गई। यात्रा वाहनों को जोशीमठ, टैय्या पुल, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, लामबगड़ और बदरीनाथ में ही रोक लिया गया।  सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों ने सुबह छह बजे से हाईवे को खोलने का काम शुरू किया। करीब सात घंटे तक मलबा हटाने के बाद दोपहर में एक बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया।
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