उत्तराखंड में बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। भूस्खलन से एक महिला की जान चली गई। कई लोगों ने घर-बार छोड़ जान बचाने के लिए दूसरी जगह शरण ली है।
मार्च के महीने में भी अलाव
बारिश-बर्फबारी के चलते कई रास्ते बंद हो गए तो कुछ सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया है। शीतलहर से भी लोगों का बुरा हाल है। गोपेश्वर और जोशीमठ में तो मार्च के महीने में भी अलाव की व्यवस्था की गई है।
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चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। उत्तरकाशी के बड़कोट में बारिश से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से नगाण गांव की एक महिला की मौत हो गई।
ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी से मोरी ब्लाक की सड़ुकें बंद हो गईं। सांकरी-तालुका, दोणी-भीतरी क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया है। सुक्की बैंड पर भूस्खलन वाले हिस्से में वाहन फंसने से आवाजाही मुश्किल हो गई है।
तीन गांवों पर संकट
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ हाईवे पर वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। भूस्खलन के चलते टिहरी जिले में कीर्तिनगर ब्लाक की गवाणा ग्राम पंचायत के तीन गांवों पर संकट मंडरा रहा है।
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खुरसाली गांव के नौ आशंकित परिवार घर छोड़ दूसरी जगह चले गए हैं। गांव के ऊपर पहाड़ पर पिछले वर्ष जून में दरार पड़ गई थी। अब यह दरार 500 मीटर लंबी हो चुकी है। बारिश के चलते यहां से भूस्खलन की रफ्तार तेज हो गई है।
पहाड़ से लगातार मिट्टी-पत्थर गिर रहे हैं। नीचे बसे खुरसाली के 30, नौटी के 25 और सिल्ला गांव के 5 परिवार खतरे की जद में हैं। प्रशासन ने कहा है कि सोमवार को मौका-मुआयना करवाया जाएगा।
भूस्खलन के चलते जगह-जगह आया मलबा
थौलधार ब्लाक में नकोट-बगौडी, मैंडखाल-ल्वाडी, कमांद-नेरू वर्णू, रमोलसारी-सेंसारी मोटर मार्ग पर भूस्खलन के चलते जगह-जगह मलबा आ गया है।
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चंबा-धरासू राजमार्ग पर भी ढिक्यारा में भारी मात्रा में मलबा आ गया है। मलबा गिरने के बाद कई वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
सोमवार को रहेगी राहत, कल बारिश संभव
मौसम की आंख मिचौली का खेल सोमवार को नजर नहीं आएगा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार का दिन शुष्क रहेगा। राजधानी में आंशिक बादल छाने की संभावना है लेकिन बारिश नहीं होगी।
पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि मंगलवार से दोबारा मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है। हालांकि, मंगलवार को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
चार दिनों से ओले, बारिश का दौर
नगर में चार दिनों से ओलावृष्टि और बारिश ने लोगों को परेशान कर रखा है। शादी समारोह में शामिल होने से लेकर स्कूल-कॉलेज जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है।
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बढ़ती ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार सुबह बारिश और दोपहर करीब पौने तीन बजे जमकर ओले बरसे। इससे बाजारों में सन्नाटा फैल गया, लोग घरों में दुबक गए।
इधर, पारा गिरने से दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। धनोल्टी और सुरकंडा मंदिर की पहाड़ियों पर भी हल्का हिमपात हुआ। मसूरी का अभी भी चंबा और टिहरी से संपर्क जुड़ नहीं पाया है।