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Uttarakhand: सवा करोड़ की आबादी पर सिर्फ एक हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरो सर्जन, स्वास्थ्य सुविधाओं का ऐसा हाल

Thu, 23 Feb 2023 02:27 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश की आबादी सवा करोड़ से अधिक है लेकिन हृदय रोगियों की जांच के लिए सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के 58 प्रतिशत पद खाली हैं।  सरकारी अस्पतालों समेत तीन मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य की सवा करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ एक हृदय रोग विशेषज्ञ वर्तमान में तैनात हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में ही एकमात्र हृदय रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं, जबकि तीन अन्य मेडिकल कॉलेजों समेत किसी भी सरकारी अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।

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प्रदेश में डॉक्टरों के स्वीकृत पदों के सापेक्ष एमबीबीएस डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या है लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगभग 600 से अधिक पद खाली पड़े हैं। जिस कारण पर्वतीय क्षेत्रों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा न होने से मरीजों को इलाज के लिए देहरादून, ऋषिकेश समेत अन्य क्षेत्रों में आना पड़ता है।

प्रदेश की आबादी सवा करोड़ से अधिक है लेकिन हृदय रोगियों की जांच के लिए सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। यही आलम न्यूरो सर्जन का है। स्वास्थ्य विभाग के पास कॉडियोलॉजिस्ट नहीं है। जबकि बेस अस्पताल हल्द्वानी में एक न्यूरो सर्जन तैनात है।

पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में कॉडियोलॉजिस्ट तैनात है। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, श्रीनगर और अल्मोड़ा में भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है।

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निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को ज्यादा सुविधाएं

निजी अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को ज्यादा वेतन के साथ अन्य सभी सुविधाएं मिलती है। इस कारण सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल रही है। अब सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रति माह चार लाख तक वेतन देने का आफर दिया है।

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। इसके लिए संविदा के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। जिन्हें प्रतिमाह चार लाख तक वेतन दिया जाएगा। - आर. राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य

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बाल रोग 91 और सर्जन के 94 पद खाली

प्रदेश में एनेस्थिसिया के 145 पदों में से 83 पद खाली हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के 155 पदों के सापेक्ष 91 पद खाली पड़े हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के 165 पदों में 106, सर्जन के 140 पदों में से 94 पद, फिजिशियन के 149 में से 117 पद, चर्म रोग के 32 पदों से 28 पद खाली हैं।

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विशेषज्ञ डॉक्टरों की जिलवार खाली पदों की स्थिति

जिला स्वीकृत खाली पद
देहरादून 127 10
रुद्रप्रयाग 30 11
उत्तरकाशी 46 22
ऊधमसिंह नगर 102 48
चंपावत 45 23
बागेश्वर 37 22
अल्मोड़ा 127 78
हरिद्वार 105 65
नैनीताल 157 98
पिथौरागढ़ 59 37
पौड़ी 152 110
चमोली 62 45
टिहरी   98  85
कुल 1147 654  
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