स्किल सेल स्क्रीनिंग की जाएगी शुरू
महिला सशक्तिकरण विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर, कामकाजी महिला हॉस्टल में बर्थ वेटिंग होम बनाए जाएंगे। इसके संचालन का खर्चा स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिया जाएगा। इससे प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर किया जा सकेगा। उत्तराखंड टीबी मुक्त बनाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट में पोर्टेबल एक्सरे मशीन स्थापित की जाएगी। इससे टीबी रोग की जांच सुलभ होगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने भी इस संबंध में विभाग को दिशा-निर्देश दिए थे।
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बैठक में राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय देहरादून व उप जिला चिकित्सालय मसूरी में आई ओटी के लिए उपकरणों की खरीदे जाएंगे। टिहरी व पिथौरागढ़ में एक-एक सचल नेत्र चिकित्सा वाहन का संचालन किया जाएगा। हीमोग्लोबिन कार्यक्रम के तह जनजातीय समुदाय में स्किल सेल स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी। जिला चिकित्सालय बागेश्वर व बेस चिकित्सालय हल्द्वानी के ब्लड बैक के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।