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कांस्टेबल ने महिला SI संग की ऐसी हरकत, शर्मसार हुआ विभाग

Sun, 08 Nov 2015 01:40 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में सीपीयू के एक हेड कांस्टेबल ने उत्तराखंड पुलिस महकमे को शर्मसार कर डाला। शराब के नशे में धुत हेड कांस्टेबल ने ड्यूटीरत महिला कांस्टेबल से गाली-गलौच कर जबरन दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया।
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महिला कांस्टेबल के बुलाने पर पहुंची प्रकोष्ठ प्रभारी महिला एसआई से भी आरोपी ने गाली गलौच करते हुए हाथापाई कर दी। साथ ही मोबाइल फोन छीनकर पटक दिया। पीड़ित महिला कांस्टेबल की तहरीर पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी ने आरोपी हेड कांस्टेबल को निलंबित कर जांच सीओ सदर को सौंप दी है।

घटना प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम कैंपस में शुक्रवार देर रात की है। कैंपस में सीपीयू का कार्यालय है। हेड कांस्टेबल मयंक सिंह रौतेला भी कैंपस के एक कमरे में रहता है। उसी कैंपस में महिला सुरक्षा से जुड़े एक प्रकोष्ठ का भी दफ्तर है। उस कार्यालय में राउंड द क्लॉक महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रहती हैं।
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आरोप है कि देर रात सीपीयू का हेड कांस्टेबल मयंक सिंह रौतेला शराब के नशे में धुत होकर उस कार्यालय के बाहर पहुंचा और दरवाजा खोलने को कहा। महिला पुलिसकर्मी ने जब दरवाजा नहीं खोला तो हेड कांस्टेबल ने गाली गलौच शुरू कर दी।
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हेड कांस्टेबल के खिलाफ दी तहरीर

महिला पुलिसकर्मी ने तुरंत इसकी सूचना अपनी प्रभारी महिला एसआई को दी। महिला एसआई मौके पर पहुंची तो आरोप है कि हेड कांस्टेबल ने उसके साथ भी गाली गलौच करते हुए हाथापाई कर दी।

महिला एसआई जब आरोपी की करतूत सीपीयू प्रभारी वीपेंद्र को मोबाइल से अवगत करवाने का प्रयास करने लगी तो हेड कांस्टेबल ने उसका मोबाइल छीनकर पटक दिया। सूचना मिलते ही आला अफसर हरकत में आए।

महिला पुलिसकर्मी ने अपनी प्रभारी संग कोतवाली पहुंचकर हेड कांस्टेबल के खिलाफ तहरीर दी। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी की शिकायत पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आरोपी को निलंबित कर जांच सीओ सदर राजेश भट्ट को सौंप दी गई है।

क्यों खुलवाना चाहता था दरवाजा
शराब के नशे में हैवान बना सीपीयू का हेड कांस्टेबल महिला पुलिसकर्मी के कार्यालय का दरवाजा क्यों खुलवाना चाहता था। इस बात को लेकर तरह-तरह की चर्चा दिनभर पुलिस महकमे में रही। इस संबंध में कोई कुछ बोलता दिखा तो कोई कुछ। महिला पुलिसकर्मियों में खासा आक्रोश देखने को मिला। दबी जुबां में कई ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिए।

‘मेरी पहुंच डीजीपी तक’
ये भी सामने आ रहा है कि हेड कांस्टेबल मयंक सिंह रौतेला का व्यवहार महिला पुलिसकर्मियों से सही नहीं रहा। कुछमहिला पुलिसकर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीपीयू में होने के कारण आरोपी पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाता रहता है। वह सीधे कहता है उसकी पहुंच डीजीपी तक है।
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