पूरे मार्च माह में हुई बे-मौसमी बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी है। राज्य सरकार भी मान रही है कि पूरे माह बारिश से फसलों को 50 से लेकर सौ फीसदी तक नुकसान हुआ है।
इससे पूर्व सरकार ने ने दो मार्च को हुई बारिश-ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर ही सर्वे कराया था। जिसमें पाया गया था कि राज्य में बारिश ने खेत में खड़ी फसल को 25 प्रतिशत हानि पहुंचाई।
फसलों से हुए नुकसान की बाबत पूछे जाने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि हाल की बारिश और ओलावृष्टि में राज्य की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। पूरे राज्य में पचास फीसदी से अधिक की फसल को नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में तो सौ फीसदी यानि फसल बिल्कुल खत्म हो गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय से इस संबंध में बात की गई है और उन्हें हालात से अवगत करा दिया गया है। हम चाहते हैं कि फसल की बर्बादी को भी दैवी आपदा की श्रेणी में रखकर केंद्र मुआवजा आवंटित करे। कृषि मंत्रालय का सहयोगात्मक रवैया है। प्रधानमंत्री को इस पर अंतिम फैसला लेना है।
मुख्यमंत्री कोष से आजीविका की व्यवस्था
हरीश ने कहा कि केंद्र से सहयोग की पूरी उम्मीद है। बावजूद राज्य सरकार ने ऐसे इलाके जहां 75 से सौ फीसदी तक फसल नष्ट हुई है वहां के किसानों को भुखमरी से बचाने की रणनीति तैयार कर ली है। सरकार उनकी आजीविका की व्यवस्था मुख्यमंत्री कोष से करेगी। इसके लिए फिलहाल दस करोड़ की व्यवस्था कर ली गई है।
कृषि व उद्यान विभाग के प्रारंभिक सर्वे में आए नुकसान की रिपोर्ट
फसल का नाम- नुकसान (हेक्टेयर में)
गेहूं और जौ----- 8735
दलहन---------- 220
आलू------------ 500
सब्जी----------- 4600
आम------------ 10000
सेब------------ 8000
आडू------------ 8000
पलम------------ 1500
खुबानी------------ 1000
लीची------------ 1200
पहाड़ पर आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार
प्रदेश में पहाड़ों पर मंगलवार को भी बारिश, बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। राज्य मौसम केंद्र ने विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ जिलों में बारिश, बर्फ गिरने की संभावना जताई है। प्रदेश के अन्य इलाकों में आम तौर पर मौसम सूखा ही रह सकता है। राजधानी दून में आंशिक बादलों के साथ ही गरजन वाले बादलों की संभावना बनी हुई है।
तो 5 अप्रैल तक मौसम रहेगा भीगा-भीगा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान पर भरोसा करें तो आने वाली 5 अप्रैल तक मौसम का यही रंग देखने को मिल सकता है। अधिकांशत: बादल, बारिश ही रह सकते हैं।)