केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत नीति आयोग गठन के कारण बदले फंडिंग पैट्रन का मुद्दा उठाएंगे।
आयोग के गठन से प्रदेश को नार्मल सेंट्रल प्लान (एनसीए), स्पेशल प्लान असेसमेंट (एसपीए), स्पेशल कैटेगिरी असेसमेंट (एससीए) और केंद्र पोषित योजनाओं में हुई कटौती से 1768 करोड़ का नुकसान हुआ है। सीएम हरीश रावत के निर्देश पर शासन ने पूरे नुकसान का खाका तैयार कर लिया है।
प्रधानमंत्री के साथ 16 जुलाई को होने वाली बैठक में राज्य सरकार केंद्र और राज्यों के बीच रिश्तों को लेकर मदन मोहन पुंछी की अगुवाई में बने पुंछी आयोग की सिफारिशों को लेकर भी अपना पक्ष रखेगी। नीति आयोग की प्लानिंग में राज्यों की कोई भूमिका नहीं होने पर राज्य सरकार एक प्रणाली विकसित करने पक्ष में है, जिसके तहत पंचवर्षीय योजना और वार्षिक प्लानिंग का कार्य हो सके।