मुख्यमंत्री हरीश रावत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापना कार्यों के नतीजे आने तक सीएम हाउस में शिफ्ट नहीं होंगे।
कांग्रेस आला का आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर सीएम को फोकस रखने की सलाह के बाद हरीश रावत ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं।
एक साल का टारगेट
सीएम खुद तो आपदा प्रभावित क्षेत्रों का नियमित दौरा करेंगे ही साथ ही मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। रावत ने कहा है कि वह एक वर्ष का टारगेट लेकर चल रहे हैं।
मंगलवार को सचिवालय स्थित सीएम कार्यालय में हरीश रावत ने सपरिवार पूजा अर्चना के बाद कामकाज संभाल लिया है। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि वह पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से आशीर्वाद लेकर लौटे हैं।
सोनिया गांधी ने दी सलाह
सोनिया गांधी ने उन्हें आपदा ग्रस्त क्षेत्रों पर फोकस रखने की सलाह दी है। सीएम रावत ने कहा कि बीते दो बरस में बहुत से काम शुरू हो चुके हैं।
अब 9 फरवरी से विकास संकल्प दिवस मना रह हैं, जिसके तहत मंत्री क्षेत्रों में जाकर विकास योजनाओं में तेजी लाएंगे। उन्होंने कहा कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से पूरा करना है।
जब तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य संतोषजनक नहीं हो जाता और धरातल पर विकास नहीं दिखता तब तक वह सीएम हाउस में शिफ्ट नहीं करेंगे।
नहीं होगी बदलाव
सीएम विजय बहुगुणा के इस्तीफा देने से पूर्व कुछ कांग्रेसियों को सौंपे दायित्वों पर हरीश बोले कि मैं अब पहले का जवान हरीश रावत नहीं रहा हूं। उन्होंने साफ किया कि जो दायित्व दिया है उसमें बदलाव की बात ही नहीं उठती।
उमा भारती की ली चुटकी
भाजपा नेता उमा भारती को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने पर रावत ने चुटकी ली है कि उनसे पुरानी दोस्ती रही है। रावत ने कहा कि आला कमान ने उनका कोई कार्यकाल समयबद्ध तय नहीं किया है, लेकिन वह खुद एक वर्ष का टारगेट लेकर चले हैं।