मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पिछले दिनों हल्द्वानी दौरे के दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था। किसी दल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में सेहत के चलते कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
ऐसे में राजनीतिक दल द्वारा हमला करना उनके विवेक पर प्रश्नचिन्ह है, उस दिन कुछ भी हो सकता था।
सीएम ने कही हमले की बात
लाठीचार्ज के तीन दिन बाद सीएम ने पहली बार खुद पर हमले की बात कही है। रविवार को रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल मैदान में बने हेलीपैड पर उतरने के बाद सीएम रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हल्द्वानी लाडली हत्याकांड में दु:ख जताने शुक्रवार को वह पीड़ित परिवार के घर शीशमहल गए थे।
इस दौरान राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर हमला कर दिया और पत्थर मारकर कार का शीशा तोड़ दिया। हमले के चलते उनकी कार में बैठे कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और प्रयाग दत्त भट्ट घायल हो गए।
बौखलाहट में हुआ लाठीचार्ज
कहा कि काफिले पर हमला होने के बाद पुलिस ने बौखलाहट में लाठीचार्ज की कार्रवाई की, जिसमें कुछ पत्रकार भी घायल हो गए।
पत्रकारों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए रावत ने बताया कि गृह सचिव को मामले की जांच कर रिपोर्ट दस दिन के भीतर देने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने परोक्ष रूप से बीजेपी पर पलटवार करते हुए उनकी हमलावर शैली पर सवाल उठाए।