मोदी की रैली और मशहूर क्रिकेटर विराट कोहली को आपदा फंड से किए गए भुगतान को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को भाजपा पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा को तो तारीफ करनी चाहिए कि कोहली ने 48 लाख रुपये में एपिसोड किया, वरना वह तो एक एपिसोड का डेढ़ करोड़ रुपये लेते हैं। उन्होंने नसीहत पिलाई कि सरकार को भाजपा से नहीं सीखना है कि किस मद से भुगतान किया जाए।
मुख्यमंत्री कांग्रेस भवन में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने सवाल किया कि चारधाम की ब्रांडिंग के लिए विराट कोहली को इंगेज करना क्या अपराध है? उनसे चार धाम की मार्केटिंग कराई गई है। भाजपा कह दे कि ये गलत है।
उन्होंने दो टूक कहा कि इस मामले में सरकार की ओर से कोई गलती नहीं हुई है। उन्हें भुगतान किस मद से होना है, ये हमने भाजपा से पूछकर तय नहीं करना है। अभी तो यह भी नहीं पता कि पेमेंट हुआ भी है कि नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा लिखकर दे दे वह आपदा से जुड़े सभी प्रकरणों की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने को तैयार हैं।
चुनाव प्रचार में भाजपा को मिला ‘अन ड्यू एडवांटेज’
हरिद्वार में पीएम नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शुरू से इस प्रकरण पर अनावश्यक दबाव बना रही है। पूरे चुनाव में उसकी यही रणनीति रही कि आरोप लगा दो। कई जगह प्रक्रिया के दौरान उसे ‘अन ड्यू एडवांटेज’ मिला। प्रधानमंत्री की चुनावी सभाओं में बैरिकेडिंग का भाजपा ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान मेरी जांच हुई।
मगर केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं की कोई जांच नहीं की गई। भाजपा ने प्रचार के लिए पेट्रोल पंपों का दुरुपयोग किया। वाहनों पर स्टीकर लगाए। हम लोग चुनाव लड़ते या आयोग में शिकायत करने जाते। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में मोदी की रैली के लिए अनुमति ली जानी चाहिए थी। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय पर भी सवाल उठाए। कहा कि पीएमओ को भी देखना चाहिए था कि परमिशन ली गई है या नहीं। उलटे हमको नोटिस दिया गया, जबकि हम एसपीजी के निर्धारित मार्ग पर चल रहे थे। माइक बंद कर दिए थे।
अकेले केदारघाटी में ही आपदा से दो दर्जन से ज्यादा पुल ढह गए थे। इनमें से दो ही पुल बन पाए। स्थानीय लोग आंदोलन करते हैं, तो शासन बजट की तंगी का हवाला देकर उन्हें शांत कर देता है। मगर वहीं सरकार ब्राडिंग के नाम पर आपदा प्रबंधन के फंड से करोड़ों लुटा रही है। तब उसे वित्तीय संकट का ख्याल क्यों नहीं आता।
- अजेंद्र अजय, भाजपा नेता