भाजपा मुझे ही अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मान रही
खुद को विशुद्ध रूप से उत्तराखंडी, गढ़वाली और कुमाऊंनी बताते हुए उन्होंने कहा कि लुढ़कते-लुढ़कते, घिसते-घिसते, शून्य में मिल सकता हूं, लेकिन टूट नहीं सकता हूं। भाजपा पर निशाना साधते हुए रावत ने आरोप लगाया कि मेरे पीछे यूं ही सीबीआई और ईडी नहीं लगाई। राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को और यहां तक कि अब तो पार्टियों के अध्यक्षों को भी सुविधाएं दी जा रही हैं।
हरीश रावत को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। क्या यह बताने के लिए स्पष्ट नहीं है कि भाजपा आज भी इस ढलती उम्र में भी मुझे अपना प्रतिद्वंद्वी मान रही है? चार-चार पेज भाजपा ने समर्पित कर रखे हैं मुझको ट्रोल करने और मेरी छवि बिगाड़ने के लिए। कोई है ऐसा जिसकी छवि बिगाड़ने के लिए भाजपा इतना प्रयास कर रही है उत्तराखंड में?
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हरीश रावत ने कहा कि राजनीति में प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। मुझे गहरा दुःख है कि जिनसे मेरी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि मैं उस समझ से ऊपर चला गया हूं, वे मेरे साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए दौड़ लगा रहे हैं और कभी लंगड़ी लगाना चाहते हैं, कभी कुर्ता खींचना चाहते हैं। मैं सबके लिए एक पूरक हूं और यदि इस पूरक का इस्तेमाल करना चाहें तो मैं वहां उपस्थित हूँ, मगर इस्तेमाल तो जिनके पास हथियार हैं, उनको तय करना है। मैं हाजिर हूं, मगर तय उनको करना है कि मेरा उपयोग करना है या नहीं करना है ?