हरीश रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री भले ही हों, लेकिन राजधानी में उनका जोर नहीं चलता। वह राजधानी की सूरत बदलना चाहते हैं। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और विकास, सुविधाएं बढ़ाने के लिए उनके दिमाग में कई योजनाएं हैं, लेकिन वह इन योजनाओं को धरातल पर नहीं उतार पा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मानें तो नगर निगम उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
शुक्रवार को एमडीडीए के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने नगर निगम पर जमकर निशाना साधा। अप्रत्यक्ष तौर पर शहर में रुके विकास कार्यों और अव्यवस्थाओं के लिए निगम को जिम्मेदार ठहराया।
नगर निगम में बेहतरी
कहा कि नगर निगम शहर की बेहतरी के लिए काम नहीं कर रहा है। शहर में बढ़ती गंदगी पर अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाने को कहा, जो आज तक नहीं लगें। नगर निगम केवल क्रेडिट लेने का काम कर रहा है।
स्मार्ट सिटी के लिए भूमि तक चिह्नित नहीं करने वाले निगम ने बयानों में स्मार्ट सिटी तैयार तक कर ली है। शहर में स्मार्ट सिटी बनाने पर आभार जताने वाले बोर्ड तक लग गए हैं।