स्टिंग प्रकरण में फंसे मुख्यमंत्री हरीश रावत को सीबीआई के शिकंजे से बचने के लिए राज्य सरकार अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। इस कवायद का अंदेशा सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में मची हलचल से मिला। सियासी संकट के बाद शुरू हुई सीबीआई जांच से जुड़े तमाम दस्तावेज जुटाए गए।
इसके साथ ही एसआईटी जांच के आदेश और अब तक जांच में हुई प्रगति को भी संलग्न करके पूरा पोटला बनाया गया है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट में जांच को असंवैधानिक बताते हुए अर्जी लगाई जाएगी।
सोमवार को सचिवालय में शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय में सुबह से स्टिंग मामले में सीबीआई जांच के मुद्दे की चर्चा रही। इससे संबंधित सभी दस्तावेज भी तलब किए गए। इसमें हरक सिंह रावत की ओर से राज्यपाल से की गई शिकायत की चिट्ठी, राज्यपाल की ओर से सीबीआई जांच की संस्तुति संबंधी आदेश, सरकार के दोबारा सत्ता में लौटने पर कैबिनेट की ओर से सीबीआई जांच वापस लेने संबंधी पत्र, एसआईटी गठन के आदेश, मुख्य सचिव की ओर से भारत सरकार को जांच रोकने संबंधी पत्र आदि दस्तावेज प्रमुख रहे।