नैनीसार को लेकर विरोध
इस पॉलिसी के तहत पोखड़ा में एक विश्वविद्यालय, सतपुली के ऊपर एक पॉलीटेक्निक और नैनीसार अल्मोड़ा में एक नामचीन प्राइवेट स्कूल आया था। नैनीसार को लेकर विरोध हो गया। विवाद हाईकोर्ट तक गया। जो अब भी लंबित है। आज सरकार ऐसा कोई प्रयास करती है तो लीजिंग पॉलिसी आदि बनकर के तैयार है। ग्रामीण अंचल के उच्च पहाड़ी क्षत्रों से पलायन का एक बड़ा कारण उचित शिक्षण संस्थाएं न होना और अच्छे चिकित्सालय न होना भी रहा है। यदि निजी क्षेत्र शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में आता है तो प्रोत्साहन देना राज्य के हित में है।
चारधाम यात्रा से पहले कोरोना की चौथी लहर पर जताई चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले कोरोना की चौथी लहर की दस्तक पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से अभी से जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ेगी। सरकार को एक न्यूनतम सावधानी अभी से बरतनी चाहिए। जब तक चौथी लहर आए और निपट नहीं जाती है, तब तक मास्क पहनने की सावधानी रखनी चाहिए। यदि संक्रमण बढ़ गया तो ऐसी हालत में यात्रा रोकनी पड़ेगी। पर्यटकों के आने पर नियंत्रण रखना पड़ेगा और यह स्थितियां राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी नहीं होंगी। इसलिए अभी से एक सावधानी बरतने का अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के सत्यापन पर दिए बयान पर कहा कि हम पूरी निष्ठा और श्रद्धा से अपने धर्म का पालन करें और दूसरा भी अपने धर्म का निर्विघ्न तरीके से पालन कर सके, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उत्तराखंड छोटा राज्य है। यदि सहिष्णुता का मिजाज बिगड़ गया तो हमारी आजीविका पर विशेष तौर पर पर्यटन से जुड़ी हुई आजीविका पर दूरगामी कुअसर पड़ेगा। हमें प्रत्येक स्थिति में परस्पर सौहार्द बनाए रखना है।
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