रविवार रात करीब पौने नौ बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत बाल-बाल बच गए। भीड़ के दबाव के चलते शीशे का भारी दरवाजा दो हिस्सों में टूट गया। मुस्तैद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने दरवाजे को संभाला।
भीड़ के दबाव के चलते हुआ हादसा
श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का जन्मदिन गीत गोविंद मंडप में मनाया जा रहा था। मुख्यमंत्री आचार्य को शुभकामना देने के बाद कार्यक्रम स्थल से निकले तो भीड़ भी साथ चली। जैसे ही मुख्यमंत्री गेट पर पहुंचे तो भीड़ के दबाव के चलते आधा खुला शीशे का गेट टूट गया।
ऊपर का हिस्सा गिरता इससे पहले ही दो पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने उसे संभाल लिया तब जाकर मुख्यमंत्री वहां से निकले। लेकिन मुख्यमंत्री को दरवाजा टूटने का अहसास नहीं हुआ।
....तब जाकर व्यवस्था संभली
इससे पहले सीएम जब आचार्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के पास पहुंचे तब भी करीब दस मिनट तक कांग्रेसियों ने उन्हें घेरे रखा। संचालनकर्ता मंच से चिल्लाता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जब सब वीआईपी मंच की ओर बढे़ तब जाकर व्यवस्था संभल पाई।