मुख्यमंत्री हरीश रावत को डेढ़ महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा। यह संवैधानिक बाध्यता है वर्ना उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा। यही मजबूरी विगत 13 जून को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के सामने पेश की है।
बताया जाता है कि आयोग भी मुख्यमंत्री के तर्क से सहमत है। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह तीनों रिक्त विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी।
विगत तेरह जून को सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के साथ बैठक कर जल्द उप-चुनाव कराने की मांग की।
सीएम ने बताई संवैधानिक मजबूरी
मुख्यमंत्री ने यही बताया कि वह इस समय सदन के सदस्य नहीं है और शपथ लेने के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर सदस्य बनना संवैधानिक तौर पर जरूरी है और, इन छह महीनों की डेडलाइन आगामी 31 जुलाई है।
बताते हैं कि आयोग मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव पर सहमत दिखा और जल्द ही अधिसूचना जारी करने का आश्वासन भी दिया।
इसी महीने जारी हो सकती है अधिसूचना
हालांकि सीएम को धारचूला से चुनाव लड़ना है, लेकिन आयोग तीनों खाली सीटों पर एक साथ ही चुनाव कराएगा। सूत्रों की माने तो इसी सप्ताह किसी दिन विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उप-चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर सकता है।
व्यवहारिक तौर पर किसी भी चुनाव कार्यक्रम के लिए 30-45 दिन का समय होना चाहिए। इसलिए माना जा रहा है कि जल्द ही अधिसूचना जारी होगी। और, अधिसूचना जारी होने की उम्मीद इसी सप्ताह ज्यादा है।