वन भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण प्रभावित हो रहे विकास कार्यों से खफा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को अफसरों की क्लास लगाएंगे।
वीडियों कांफ्रेंसिंग जरिए देंगे दिशा-निर्देश
काम काज में देरी की वजह जानने के साथ मुख्यमंत्री अफसरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जरूरी दिशा-निर्देश भी देंगे। बैठक की सूचना मिलने के बाद वन और संबंधित विभागों के अफसर शुक्रवार को दिन भर फाइलें खंगालने में जुटे रहे।
सूत्रों के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री हरीश रावत सभी जिलाधिकारियों, वन अधिकारियों और संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे। बताया जा रहा है कि वन भूमि हस्तांतरण में बेवजह देरी से राज्य में शुरू कई परियोजनाएं खटाई में पड़ गई हैं।
इसमें सड़क, इमारत के अलावा कई दूसरी छोटी-बड़ी परियोजनाएं हैं। मामले को लेकर कुछ मंत्री विभाग की लेट-लतीफी के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद हरीश रावत ने अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर स्थिति की समीक्षा का फैसला किया है।
बता दें कि राज्य का करीब 60 प्रतिशत इलाका वन अधीन है। वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहण की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजना पड़ता है।
40 हेक्टेयर वन भूमि अधिग्रहण की मंजूरी के लिए देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय है, जबकि आपदा प्रभावित क्षेत्र में 5 हेक्टेयर वन भूमि अधिग्रहण अधिकार राज्य सरकार के पास है।