तराई में एकाएक आए राजनीतिक भूचाल को देखते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तराई के कद्दावर कांग्रेसी नेता तिलकराज बेहड़ को कमान सौंप दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बेहड़ से फोन पर लंबी बात करते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी भी सौँप दी।
सोमवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता यशपाल आर्य के भाजपा में शामिल होने के बाद से तराई में कांग्रेस के लिए पूरा समीकरण बदल गया है। तराई में कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा यशपाल आर्य खेमे में है। अभी इस खेमे में टूट फूट उभर कर सामने नहीं आई है।
तराई के तमाम कांग्रेसी यहां के हालातों से पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित मुख्यमंत्री हरीश रावत को पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की भी निगाहें तराई पर टिकी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो यशपाल आर्य के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान ऊधमसिंह नगर की सीटों पर ही होने की आशंका है। इसे देखते हुए वर्तमान में कांग्रेस दिग्गजों ने तराई पर ध्यान केंद्रित कर लिया है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को स्वयं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फोन पर वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ से बात करके उन्हें कहा है कि वह अब तराई को संभालें और असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को एकजुट करते हुए पार्टी के लिए चुनाव में जुटने को तैयार करें। अब बेहड़ के कंधों पर खुद की सीट जीतने के साथ ही ऊधमसिंह नगर में बिखरे कांग्रेसियों को पार्टी के साथ खड़ा करने की चुनौती भी है।
यशपाल आर्य ने जो बम फोड़ा है, उसके बाद पार्टी के कई दिग्गजों ने मुझसे पार्टी की स्थिति की जानकारी ली है। स्वयं मुख्यमंत्री ने मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे फोन पर बात की और करीब 12 मिनट तक हुई बातचीत में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब तराई को संभालना है। कार्यकर्ताओं में जो भी नाराजगी है उसे दूर किया जाएगा और जो जिसका हकदार है उसे सम्मान देंगे।
- तिलक राज बेहड़, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेसी नेता