आईएएस अफसर हरीश चंद्र सेमवाल की पिथौरागढ़ के जिला कलेक्टर पद पर की गई नियुक्ति खटाई में पड़ गई है। वह कार्यमुक्त होकर पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो गए लेकिन रास्ते में ही ज्वाइन नहीं करने का संदेश दे दिया गया। उनके पूर्ववर्ती समस्त पदों पर दूसरे अफसर ने ज्वाइनिंग भी दे दी।
बीच रास्ते में मिला ज्वाइन ना करने का आदेश
आईएएस हरीश चंद्र सेमवाल को विगत दिवस पिथौरागढ़ का जिलाधिकारी बनाए जाने के आदेश शासन ने निर्गत किए थे। आदेश जारी होने के साथ ही वह रिलीव भी होकर पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो गए लेकिन उन्हें बीच रास्ते में ही मुख्यमंत्री कार्यालय व सीएस ऑफिस से डीएम के पद पर ज्वाइन नहीं करने का संदेश दे दिया गया।
माना जा रहा है कि रुद्रपुर भूमि घोटाले में सेमवाल के खिलाफ विभागीय जांच प्रचलित है, इसलिए कुछ बड़े नेताओं द्वारा इस नियुक्ति का विरोध कर दिया। सेमवाल इस मामले में पहले भी सस्पेंड हो चुके हैं। फिलहाल प्रमुख सचिव एस राजू विस्तृत जांच कर रहे है।
पैदा हो सकती है सरकार के सामने दिक्कत
इसे भी कारण माना गया कि यदि जांच अधिकारी ने विस्तृत जांच में भी सेमवाल को दोषी साबित कर दिया तो सरकार के सामने दिक्कत पैदा हो जाएगी। इस बात को लेकर संवैधानिक पद पर बैठे एक नेता ने विगत दिवस ही सीएम हरीश रावत से बात की और मामले से अवगत कराया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया।
सेमवाल के स्थान पर शासन में देहरादून की सीडीओ ज्योति नीरज खरवाल को भेजा गया था। सेमवाल के रिलीव होने के ठीक अगले दिन आज उन्होंने उनके सभी पदों पर ज्वाइन कर लिया है।