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भाजपा के तीखे सवाल, हरीश खुद उतरे मैदान में

Fri, 23 Jan 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी सरकार पर भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देने खुद उतरे। उनका कहना है कि मैं भाजपा के विरोध के तरीके पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। सरकार उनके गैरजिम्मेदाराना बयानबाजियों से डरती नहीं है लेकिन विनम्रता से आइना दिखाना चाहता हूं।
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शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने भाजपा विधायकों की उपेक्षा को खारिज कर प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के इलाकों में कराए जा रहे कार्यों जानकारी दी।

सीएम ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर न तो संतुष्ट है और न ही पुलिस के ढीले रवैये को सही ठहरा रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार की तुलना में हम बेहतर हैं। उन्होंने खनन को राज्य की अर्थ व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरत बताया।
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सरकार नहीं कर रही किसी की उपेक्षा

सीएम ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के क्षेत्र में 44, पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल 12 और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के रानीखेत में 50 घोषणाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा सरकार भाजपा विधायकों के साथ भी समीक्षा के लिए तैयार थी एक विधायक को बुलाया भी था लेकिन नहीं आए।

पूरे प्रदेश का विकास सरकार का उत्तरदायित्व है। 2007-12 भाजपा सरकार में विवेकाधीन कोष से प्रतिपक्ष की 7 प्रतिशत स्वीकृतियां हुईं। जबकि बीते तीन सालों में गैर कांग्रेसी स्वीकृतियों 18 प्रतिशत हैं। सरकार ने राजनैतिक दलों की अपेक्षा व्यक्तिगत सिफारिशों पर लोगों की अधिक मदद की।
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भाजपा शासन में हुए अपराधों की गिनाई शृंखला

सीएम ने भाजपा शासनकाल में कालाढूंगी पुलिस थाने को जलाने, रुद्रपुर सांप्रदायिक दंगे, शांतिकुंज और कुंभमेला भगदड़ जैसी घटनाओं का उदाहरण दिया।

उन्होंने मसूरी में कमलादेवी-रतनलाल हत्याकांड, उदासीन अखाड़े में रत्नाकर मुनि, रामनगर में विवाह स्थल से उठाकर युवती का अपहरण और हत्या, हल्द्वानी के राधिका ज्वैलर्स के विशाल मंगल का अपहरण और हत्या के मामले अभी तक न खुलने का हवाला देकर कांग्रेस सरकार को बेहतर बताया। सीएम ने भाजपा और कांग्रेस सरकार के दौरान हुई लूट, डकैती और नकबजनी के तुलनात्मक आंकड़े पेश किए।

फेरूपुर पर सीबीआई को फिर लिखेंगे
सीएम ने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान हुए फेरूपुर बालिका हत्याकांड की जांच सीबीआई कर रही है। सरकार इसके जल्द खुलासे के लिए एक बार फिर सीबीआई को लिखेगी। रुड़की बम विस्फोट मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी एनआईए कर रही है सरकार विपक्ष से सहमत है खुलासा होना चाहिए। भूरा के साथी पकड़े जा चकु हैं पुलिस उस तक भी पहुंचेगी। अंकित मामले में फरार अकरम को पकड़ने के लिए टीम लगी है। रुड़की जेल परिसर मामले में सभी अपराधी पकड़े गए हैं।
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