मेरे पिता हर रोज शराब के नशे में मां के साथ गाली-गलौज करते हैं। मां पर हाथ उठाते और उसे गंदी गाली देते हैं। मां रोती है तो मेरे भी आंसू निकल आते थे। मैं डर के कारण कुछ नहीं बोल पाता था।
ऐसे हालातों मैं घर में घुट सा रहा था। ऐसे में मैंने घर से भागना उचित समझा। ये शब्द घर से भागे उसे बच्चे के हैं, जो अपने साथियों के साथ श्रीनगर में बरामद हुआ।
एक बच्चा घर में होती रोज की चिकचिक से परेशान होकर सुकून की तलाश में घर छोड़ता है, तो वहीं दूसरा बच्चा अपनी उपेक्षा के चलते दूर जाना मुनासिब समझता है।
तीसरा बच्चा पढ़ना नहीं चाहता, जबकि चौथा बच्चा मेधावी है। वह मोबाइल संचालन में माहिर है। वह जल्द से जल्द पैसा कमाना चाहता है। वह घर से इसलिए भागा, क्योंकि 14 वर्ष पहले उनके गांव का एक लड़का घर से भागा था। जब वह लौटा तो अपने साथ लाखों रुपये लाया। वह कहता है कि मैं भी लाखों रुपये कमाना चाहता हूं।