मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के आपदाग्रस्त क्षेत्रों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों के कारगर उपचार के लिये जापान इंटर नेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (जायका) से तकनीकी सहयोग को अपेक्षा की है।
शुक्रवार को बीजापुर अतिथि गृह में प्रदेश के वन क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन तकनीकी सहायतित परियोजना के तहत संभावित कार्य योजना के संबंध में जायका के प्रतिनिधिमंडल से सीएम ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार संरक्षण एवं पुर्नस्थापना के लिए तकनीकी सहयोग पर बल दिया।
जापान और उत्तराखंड की संस्कृति समान
सीएम ने कहा कि आपदा की दृष्टि से जापान और उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति व कार्य संस्कृति लगभग समान है। उनकी तकनीकी हमारे यहां कारगार साबित हो सकती है, इसके लिये प्रारंभिक तौर पर कुछ आपदा क्षेत्र चिंहित कर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिये जा सकते है। इसके लिए विश्व बैंक आदि से फंडिग की व्यवथा की जा सकती है।
60 भूस्खलन क्षेत्रों का भ्रमण
जपानी टीम के प्रमुख कीयी जिनायी ने बताया कि उनकी टीम ने प्रदेश के लगभग 60 भूस्खलन क्षेत्रों का भ्रमण किया है। वे 5 नवंबर से राज्य के भमण पर हैं। इस अवसर वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, मुख्य सचिव नागराजन रविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव डा. रणवीर सिंह, प्रमुख वन संरक्षक एसएस शर्मा, सचिव अमित नेगी, जायका के यूकी ओकादा, नवूयाकी हिरोका, तकाकी तोयोदा, मिहो होटिकावा आदि मौजूद थे।