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पढ़िए, सीएम हरीश रावत को क्यों आया गुस्सा?

Mon, 16 Feb 2015 09:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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सोमवार को चार धाम यात्रा की तैयारी पर हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वन भूमि हस्तांतरण के मामले लटकने पर खासी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के एक अधिशासी अभियंता से तो तल्ख लहजे में कहा कि तुम्हें यहां नियुक्त किसने किया।
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एक जिलाधिकारी को भी इशारों में बताया कि अपने दिमाग से काम लो। जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता ने सड़क की सैद्धांतिक स्वीकृति निरस्त कर इस सड़क का निर्माण एडीबी से कराए जाने की पेशकश की थी। मुख्यमंत्री ने चार धाम सड़क मार्ग का कोई भी काम 15 अप्रैल तक पूरा करने की हिदायत दी और कहा कि वे खुद भी यात्रा से एक हफ्ते पहले चारों धामों की सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे।

चार धाम यात्रा मार्गों की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने ज्यादा कुछ नहीं कहा पर वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री का पारा चढ़ा। मुख्यमंत्री की नाराजगी इस बात पर भी थी कि दून में केंद्र का नोडल कार्यालय होने के बावजूद जिलों में वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में रफ्तार सुस्त है।
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सड़क को निरस्त करने का कोई औचित्य नहीं

एक अधिशासी अभियंता ने सड़क को लेकर हो रही देरी पर तर्क दिया कि इस सड़क को निरस्त किया जा रहा है। सीएम ने अभियंता के तर्क को सिरे से खारिज किया और कहा कि सैद्धांतिक स्वीकृति वाली सड़क को निरस्त करने का कोई औचित्य नहीं है।

जिलाधिकारियों को मार्च माह से पहले जिलों में वन भूमि के मामलों की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि वन भूमि के मामले जिलाधिकारियों को मुंह जुबानी याद होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा मार्ग के भूस्खलन क्षेत्र पर फोकस करने , शासन को हर दिन में समीक्षा करने, गोविंदघाट में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए औपचारिकताएं जल्द पूरी करने, सभी ट्रेकिंग रूट का प्लान प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

अफसरों को सौंपा जिम्मा
-अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा रुद्रप्रयाग-केदारनाथ यात्रा मार्ग, अपर सचिव अरविंद हयांकि यमुनोत्री मार्ग, कमिश्नर गढ़वाल बद्रीनाथ मार्ग, आईजी गढ़वाल गंगोत्री मार्ग की निगरानी करेंगे।
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ये है प्लान

ऋषिकेश से गुलर तक रिसरफेसिंग का काम 31 मार्च तक, गुलर से कौडियाला तक रिसरफेसिंग 15 अप्रेल तक, देवप्रयाग से बागवान तक दो लेन कटिंग का काम जारी और रिसरफेसिंग 15 मार्च तक, बागवान से कौडियाला पैच मरम्मत का काम 31 मार्च तक, सिरोबगड़ भूस्खलन क्षेत्र केलिए कंसल्टेंट ने तात्कालिक और मध्यकालिक दो प्लान बताए। सिरोबगड़ से रुद्रप्रयाग मार्ग पर पैच वर्क 31 मार्च तक रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग और सोनप्रयाग से गौरीकुंड मार्ग पर क्रैस बैरियर और साईनेज 20 अप्रैल तक।

-वन भूमि हस्तांतरण के लिए एनपीवी आदि के लिए अगले बजट से सभी जिलाधिकारियों के नियंत्रण में धनराशि की व्यवस्था की जाएगी। भूमि के म्यूटेशन सहित स्थानीय स्तर पर की जाने वाली औपचारिकताओं में अनावश्यक समय न लगाया जाए।
-मुख्यमंत्री हरीश रावत
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