मुख्यमंत्री हरीश रावत की मानें तो कांग्रेस के लिए दो दिन पहले ही ‘बड़ा दिन’ (क्रिसमस) आ गया लेकिन हरीश दुर्गापाल की घर वापसी पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा हुआ है।
किशोर उपाध्याय ने किया दिल से स्वागत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने दुर्गापाल का दिल से स्वागत तो किया लेकिन उन्होंने मंच से कहा कि ऐसा न हो कि कांग्रेस का कार्यकर्ता ठगा जाए उसके सम्मान को ठेस नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने दुर्गापाल से इस बात आश्वासन चाहा कि उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं की भी रक्षा करनी होगी।
दुर्गापाल भले ही जन्मजात कांग्रेसी हों और उनके घर वापसी पर मुख्यमंत्री की मुहर लगी हो लेकिन कहीं न कहीं पार्टी के कुछ नेता इसी पचा नहीं पा रहे हैं। सीएम ने अपने संबोधन में किशोर उपाध्याय के सवाल का जवाब देने की कोशिश कुछ यूं की।
उन्होंने कहा कि कोई छोटा पत्थर भी नदी में गिरता है तो कुछ लहर उठती हैं, चर्चाएं भी होंगी। दाएं-बाएं कुछ खचर-पचर भी होगी। ऐसे में कार्यकर्ताओं को उच्च सहनशक्ति, धैर्य और सहनशीलता दिखानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया 2017 में दुर्गापाल मांगने वालों में नहीं देने वालों में होंगे, शंका की जरूरत नहीं है।
कार्यक्रम केबीच में दुर्गापाल के साथ आए समर्थकों ने जैसे ही नारा बुलंद किया। हरीश रावत चुटीले अंदाज में बोले पुराने नारे मत लगाओ अब किशोर माता की बात करो। गृह मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं में शंका हो सकती है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रश्न है।
बिना कार्यकर्ता पार्टी का अस्तित्व नहीं है। मैं मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह करूंगा कि कार्यकर्ताओं सम्मान होना चाहिए उन्हें अधिकार मिलने चाहिए। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने बताया कि सीएम की पहल पर दुर्गापाल आए हैं और पैदाइशी कांग्रेसी हैं। उन्होंने कहा 2012 में जिन्होंने जहर का घूंट पिया अब अमृत मिला है।
...और भावुक हो उठे दुर्गापाल
दुर्गापाल ने अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष की शंकाएं दूर करनी कोशिश की। वे 2012 की याद कर भावुक हो उठे। उन्होंने पार्टी छोड़ने कारण उन कार्यकर्ताओं को बताया जिन्होंने चार दिनों तक दबाव बनाकर उन्हें चुनाव में उतारा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इतिहास के पन्नों को पलटते हैं। प्रभारी संजय कपूर ने कहा कि मैं कार्यकर्ताओं का सम्मान चाहता हूं लेकिन अनुशासन भी आवश्यक है।
नए साल तक इंतजार नहीं कर सके दुर्गापाल
कांग्रेस से बिछड़े भाई हरीश दुर्गापाल ने मिलन के लिए नए साल की तैयारी की थी। खुद दुर्गापाल ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद खुलासा किया कि उन्होंने सीएम से जनवरी में शामिल होने की बात कही थी लेकिन वे नहीं माने तो समर्थकों की राय के बाद मैंने हां बोल दी।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित समारोह में निर्दलीय विधायक एवं मंत्री दुर्गापाल ने सैकड़ों समर्थकों के साथ बाकायदा रसीद कटा कर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस सहप्रभारी संजय कपूर, मंत्री इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह मौजूद थे।
हालांकि किसी जरूरी काम की वजह से प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कार्यक्रम बीच में छोड़कर विधायक विजयपाल सजवाण के साथ उत्तरकाशी रवाना हो गए। इस मौके पर सीएम ने कहा कि दुर्गापाल के आने से पार्टी न सिर्फ कुमाऊं बल्कि पूरे प्रदेश में मजबूत होगी। दुर्गापाल का अर्थ कार्यकर्ता मशीन है।
इस मौके पर सीएम ने देश में भाजपा के बढ़ते कदमों को राष्ट्र निर्माण और एकता-अखंडता के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि देश बंटवारे की ओर बढ़ रहा है। भाजपा 1946 की स्थिति लाकर इतिहास बदलना चाहती है। ऐसे में वक्त की नजाकत को समझते हुए कार्यकर्ताओं को पार्टी को मजबूूत बनाना होगा। ताकि 2017 में उत्तराखंड कांग्रेस की जीत से ही परचम पूरे देश में लहराए।
हम तो सबको जोड़ेंगे: सीएम
सीएम ने पीडीएफ की ओर इशारा कर कहा कि मैंने कुछ तोड़ा नहीं हम तो सबको जोड़ेंगे। सबसे बातचीत की है पीडीएफ के कुछ नेताओं का कहना है कि आपने देर कर दी। उन्होंने कि 2017 के चुनाव में भी हम साथ-साथ चलेंगे।
फिर बोले टिकट देने का काम सोनिया और राहुल गांधी का है। हमको तो साथ-साथ चलना है। उन्होंने कहा, मैं कुछ जंतर-मंतर लगा रहा हूं, 26 जनवरी तक कुछ छींटे इधर-उधर फेंकूंगा सभी देवी-देवताओं की नमो-नमो करूंगा।
2012 में निकाले गए सभी लोगों वापसी
2012 में हरीश दुर्गापाल के साथ निकाले गए और खुद पार्टी छोड़ने वाले करीब 342 लोगों ने फिर से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष ने हरीश दुर्गापाल को आवेदन भरवाया। जबकि सौ करीब सदस्यता पुस्तिका उन्हें सौंपी गई है। जिसे भरकर अन्य लोग सदस्य बनेंगे।
दुर्गापाल के साथ रमेशचंद तिवारी, हरीश विसौती, भुवन चंद्र पांडे, जीवन कबडवाल, हेमवती नंदन दुर्गापाल, सरदार बल्कार सिंह, देवीदत्त पांडे, गोविंद बल्लभ जोशी, रूप सिंह जीना, राजेंद्र सिंह चौहान, भगवान सिंह धामी, हेमा आर्या, गुरजीत सिंह आदि ने मंच पर माला पहनकर सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर करीब दो सौ समर्थक लालकुआं, बिंदुखत्ता आदि से आए थे। दुर्गापाल ने बताया कि कुछ लोग नहीं पहुंच सके हैं जल्द ही वे भी कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे।