यही साक्ष्य किसी भी आरोपी को दोषी करार देने के लिए पर्याप्त होते हैं। लेकिन, हरिद्वार के इस कांड में डीएनए एक्सपर्ट को रस्सी पर भी आरोपी के डीएनए मार्क मिले हैं। इस रस्सी से बच्ची के हाथ बांधे गए थे और फिर उसका गला घोंटा गया था। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने डीएनए एक्सपर्ट को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया है। उनकी इस मेहनत से आरोपी को निश्चित तौर पर कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।
बता दें कि नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी रामतीरथ की दरिंदगी की पुष्टि फॉरेंसिक जांच में हो चुकी है। डीएनए सैंपलिंग में पुष्टि हुई थी कि दुष्कर्म रामतीरथ ने ही किया था। हालांकि, दूसरे आरोपी (रामतीरथ का मामा) का डीएनए मिलान नहीं हुआ था।