पिता मनोज सहगल और बेटा निश्चय सहगल
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नहीं लेते कोई पैसा, पोशाक पर भी करते हैं अपना खर्च
मनोज सहगल और उनके पुत्र की ओर से रामलीला कमेटियों से अभिनय करने के नाम पर कोई खर्च नहीं लिया जाता है, बल्कि वह समय-समय पर कमेटियों के लिए सहयोग करते रहते हैं। वह अभिनय करने के लिए पोशाक का खर्च भी स्वयं उठाते हैं।
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रायवाला में भी देंगे रावण-अंगद संवाद की प्रस्तुति
मनोज सहगल और उनके पुत्र निश्चय सहगल का रावण-अंगद संवाद इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि उन्हें बाहर की रामलीलाओं में भी बुलाया जा रहा है। जिससे पिता-पुत्र देहरादून जिले के रायवाला के प्रतीत नगर में होने वाले रामलीला में दूसरे साल चार नवंबर को रावण-अंगद संवाद करने के लिए जाएंगे। अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर गुरुजी और उनका पुत्र अन्य कलाकारों के साथ ही घर पर भी रिहर्सल करते हैं।