सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शुरू हुए ओबीसी सर्वेक्षण से हरिद्वार में कुछ समय पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी किया गया आरक्षण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में जिले में चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हरिद्वार में लगातार टलते जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई थी। वोटर लिस्ट फाइनल होने के बाद आरक्षण भी जारी कर दिया गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तराखंड में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें हरिद्वार में पंचायत चुनाव को देखते हुए सात दिन के अंदर प्रक्रिया पूरी करनी है।
इस समय हरिद्वार में ओबीसी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। विभाग को आगामी सात अगस्त तक ओबीसी सर्वेक्षण की रिपोर्ट बनाकर आयोग को भेजनी है। इस सर्वेक्षण को लेकर एससी और एसटी प्रतिनिधियों में संशय है कि उनकी सीटों पर आरक्षण प्रभावित होगा। पंचायत राज के असिस्टेंट डायरेक्टर मनोज तिवारी ने बताया कि यह सर्वेक्षण केवल ओबीसी सीटों के लिए किया जा रहा है। इसमें अन्य दोनों आरक्षण पहले की तरह ही रहेगा। उन्होंने बताया कि ओबीसी, एससी और एसटी के आरक्षण को मिलाकर कुल 50 प्रतिशत आरक्षण होना है। अन्य 50 प्रतिशत सामान्य सीटें रहेंगी। इसमें भी एससी और एसटी के लिए प्रतिशत पहले से ही निर्धारित है।