हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) सभागार में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मनोनीत पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। मनोनीत पार्षदों ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष, उपनेताओं और निर्वाचित पार्षदों को बैठक न बुलाने पर कड़ी नाराजगी जताई। पार्षदों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर भी जबरदस्त विरोध किया।
शुक्रवार को एचआरडीए सभागार में मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। सभी 12 मनोनीत पार्षद सभागार में पहुंचे। मेयर अनीता शर्मा, नगर आयुक्त जय भारत सिंह और अन्य अधिकारी पहले से सभागार में थे। जबकि निर्वाचित भाजपा पार्षद विरोध स्वरूप कार्यालय के बाहर खड़े थे। मनोनीत पार्षदों ने पहले पद की शपथ ली। समारोह समाप्त हुआ तो मनोनीत पार्षद शक्ति त्यागी ने हंगामा शुरू कर दिया।
उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के स्तरहीन शपथ ग्रहण समारोह की उम्मीद नहीं थी। कहा कि नेता प्रतिपक्ष, उपनेताओं और पार्षदों को बैठक में न बुलाकर उनका अपमान किया है। मनोनीत पार्षद किशन बजाज और सुरेश शर्मा ने भी मेयर और अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि मनोनीत पार्षदों से पहले निर्वाचित पार्षद हैं, उनकी उपेक्षा बर्दास्त नहीं की जाएगी।
मेयर ने पार्षदों को चाय पर बुलाया
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मेयर अनीता शर्मा ने अधिकारियों को चाय नाश्ते के लिए एचआरडीए सभागार में बुलाया। इसपर नेता प्रतिपक्ष सुनील अग्रवाल गुड्डू, उपनेता राजेश शर्मा और अनिरुद्ध भाटी ने सभागार में आने से इंकार कर दिया। पार्षदों ने कहा कि पहले तो उनको शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण नहीं भेजा गया। जब वे कार्यालय के भीतर थे, तब भी पार्षद बाहर खड़े थे, लेकिन उन्होंने पार्षदों को सभागार में नहीं बुलाया।
युवा पार्षदों न दिखाई गांधीगिरी
जहां सभागार के भीतर मनोनीत पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। वहीं पार्षद शुभम मैंदोला, सचिन अग्रवाल और नितिन शर्मा बाहर आंख, मुंह और कान बंद करके बैठ गए। पार्षद शुभम मैंदाला ने कहा कि मेयर ने नगर निगम में नई परिपाटी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि वे ऐसे बोर्ड का हिस्सा हैं जिसकी मेयर अनीता शर्मा हैं। सचिन अग्रवाल ने कहा कि ने नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों को जानबूझकर बैठक में नहीं बुलाया गया। वे बोर्ड में बैठक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे। पार्षद नितिन शर्मा ने कहा सोची समझी साजिश के तहत भाजपा पार्षदों को कार्यक्रम से दूर रखा गया।
इन मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ
कमल बृजवासी, किशन बजाज, पुष्पा शर्मा, सुरेश शर्मा, गौरव बांगा, विपिन शर्मा, गौरव भाटिया, प्रिंस लोहाट, योगेन्द्र अग्रवाल, प्रमोद सैनी, हारूनखान, शक्ति त्यागी।
कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी अधिकारियों की थी। अधिकारी शहरी विकास मंत्री के इशारों पर चलते हैं। भाजपा पार्षद चाहते तो भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन करवा सकते थे, लेकिन उनको केवल राजनीति करनी थी। इसके बावजूद वह सभी से माफी मांगती हैं। उन्हें तो राष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के कार्यक्रम की सूचना तक नहीं भेजी जाती।
- अनीता शर्मा, मेयर
शपथ ग्रहण कार्यक्रम का राजनीतिकरण किया गया। निर्वाचित पार्षद भी निगम बोर्ड का अहम हिस्सा ह्रैं लेकिन उनको मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाने की आवश्यकता नहीं समझी गई। मेयर ने नगर निगम की गरिमा को भंग किया है। उनको सार्वजनिक तौर पर इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
- सुनील अग्रवाल, नेता प्रतिपक्