घटना की रिपोर्ट मृतक पंकज के पिता नौरतू पुत्र तिलक राज निवासी ज्वालापुर ने उसी रात कोतवाली ज्वालापुर में दर्ज कराई। विवेचना के बाद पुलिस ने आशीष मेहता, महेश मेहता और अरुण के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान आरोपी महेश मेहता की मौत हो गई, जिस कारण उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। वहीं एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया।
अदालत में 30 गवाह किए गए पेश
मुकदमे की सुनवाई में वादी पक्ष की ओर से 30 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आशीष मेहता निवासी शास्त्री नगर और अरुण निवासी अंबेडकर नगर ज्वालापुर को हत्या, जानलेवा हमला और गाली-गलौज करने का दोषी पाया। अदालत ने हत्या के लिए दोनों को आजीवन कारावास और साढ़े पांच लाख रुपये जुर्माना, जानलेवा हमला करने पर दस साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, गाली-गलौज करने पर एक माह की कैद और पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।