परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती
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ब्रह्मलीन पूर्व प्रोफेसर ज्ञान स्वरूप सानंद की गंगा रक्षा संबंधी मांगों को पूरा कराने के लिए तप कर रहे मातृसदन के ब्रह्मचारी संत आत्मबोधानंद को प्रशासन ने उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वहीं, उन्हें उठाने के साथ ही परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अपना तप शुरू कर दिया है।
गंगा रक्षा के लिए आत्मबोधानंद ने जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में 23 फरवरी से अपना तप शुरू कर दिया था। इस तप के दौरान वह नमक, नींबू, शहद के साथ जल भी ग्रहण कर रहे थे, लेकिन मांग न मानने पर आत्मबोधानंद ने आठ मार्च से जल समेत सबकुछ त्याग दिया था।
जिससे उनका वजन गिरने के साथ ही उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा था। उनका वजन 63 किलोग्राम से घटकर 56 किलोग्रमा पर आ गया था। जिससे जल त्याग के छठवें दिन और पूरे तप के 19 वें दिन एसडीएम गोपाल सिंह चौहान व तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने पुलिस के साथ आश्रम में पहुंचकर उन्हें वहां से उठाकर कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती करा दिया।
मातृसदन के सदन के ब्रह्मचारी संत दयानंद ने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो आत्मबोधानंद को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया जाएगा, लेकिन ऋषिकेश एम्स में नहीं। उधर, परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बताया कि आत्मबोधानंद को आश्रम से उठाने के क्षण ही उनका तप शुरू हो गया है। वह तप में केवल दिनभर में चार गिलास शुद्ध जल ग्रहण करेंगे। धीरे-धीरे करके जल भी त्याग देंगे।