गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत व जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज हुआ है।
महिलाओं के प्रति अमर्यादित टिप्पणियां
नगर कोतवाल राकेंद्र कठैत के मुताबिक रुचिका निवासी निरंजनी अखाडा मायापुर ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर व गाजियाबाद के देवी मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद द्वारा सोशल मीडिया पर दूसरे धर्म की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक/अपमान जनक टिप्पणियां व महिलाओं के प्रति अमर्यादित टिप्पणियां की गईं हैं।
जिससे महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचने के साथ ही वह आहत हुई हैं। नगर कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि रुचिका की शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के अनुसार, किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से कहे गए शब्दों व धारा 295 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले स्वामी यति नरसिंहानंद ने सोशल मीडिया पर वर्ग विशेष की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की थी।
पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
12 नवंबर को प्रेस क्लब हरिद्वार में वसीम रिजवी पूर्व चेयरमैन यूपी शिया वक्फ बोर्ड ने गैर मर्यादित भाषा उपयोग करने के साथ ही विवादित पुस्तक का विमोचन किया। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़े तथ्य हैं। वहीं स्वामी यति नरसिंहानंद ने मंच से भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण दिए। आरोप लगाया कि इससे करोड़ों लोगों की भावना आहूत हुई। उनकी तहरीर पर पुलिस ने वसीम रिजवी को नामजद आरोपी बनाते हुए अज्ञात आयोजकों के खिलाफ नगर कोतवाली में केस दर्ज किया था। इस मामले में नरसिंहानंद का नाम बाद में मुकदमें में बढ़ाया गया था। नगर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट लगा दी है।
एसआईटी कर रही है जांच
उत्तरी हरिद्वार के खड़खडी स्थित वेद निकेतन में आयोजित हुई धर्मसंसद में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने की वीडियो वायरल होने के बाद वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ 23 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद विवेचक ने इन मुकदमे में संत धर्मदास, साध्वी अन्नपूर्णा भारती, स्वामी यति नरसिंहानंद व सागर सिंधु महाराज के नाम बढ़ाए थे। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
लॉ की छात्रा है रुचिका
रुचिका निवासी निरंजनी अखाना मायापुर लॉ की तृतीय वर्ष की छात्रा है। रुचिका ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उन्हें पता लगा कि एक धर्म विशेष की महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी की गई है। जो पूरी तरह से गलत और असांविधानिक है। उन्होंने बताया कि देश का कानून किसी भी वर्ग या महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्प्णी या अभद्र भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता है। इसलिए मैंने इसे अपना फर्ज समझा और नगर कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने कहा युवाओं को गलत के खिलाफ खड़ा होना होगा ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।