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हरिद्वार: भारतीय हॉकी स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर की थी जातिसूचक टिप्पणी, तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार

Sat, 07 Aug 2021 01:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

बता दें कि इस मामले में दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। आरोपियों ने वंदना के परिवार के साथ गाली-गलौज की थी और जाति-सूचक शब्द कहे थे।
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वंदना कटारिया - फोटो : indiahockey
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विस्तार
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टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के अर्जेंटिना से हारने पर टीम की सदस्य और स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के बाहर पटाखे फोड़ने और जातिसूचक टिप्पणी करने वाले तीसरे आरोपी सुमित चौहान को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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बता दें कि इस मामले में दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। आरोपियों ने वंदना के परिवार के साथ गाली-गलौज की थी और जाति-सूचक शब्द कहे थे। वंदना के भाई ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। शनिवार को फरार तीसरे आरोपी सुमित चौहान निवासी नवोदय नगर सिडकुल को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई।

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बुधवार रात घर के बाहर फोड़े थे पटाखे

ओलंपिक के सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम के हारने पर फारवर्ड खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के बाहर पटाखे फोड़ने और परिजनों से अभद्रता कर जातिसूचक शब्द बोलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। ।

बुधवार को टोक्यो ओलंपिक 2020 के सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम का अर्जेंटीना से मुकाबला हुआ था। टीम में हरिद्वार के रोशनाबाद निवासी वंदना कटारिया भी शामिल थीं। इससे पहले पूल मैच में वंदना ने हैट्रिक लगाकर इतिहास रचा था। वहीं, सेमीफाइनल में टीम कड़े संघर्ष के बाद हार गई थी। भारतीय टीम के हारने के बाद वंदना के घर के बाहर खुशी में पटाखे छोड़े गए थे। वंदना के परिजनों ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उनसे अभद्रता कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।


परिजनों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने बुधवार को ही एक आरोपी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद वंदना के भाई चंद्रशेखर कटारिया की ओर से तहरीर दी गई थी। सिडकुल थाना पुलिस ने आरोपी सुमित चौहान, अंकुुर, विजयपाल निवासी रोशनाबाद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। आरोप है कि इन युवकों ने खुशी मनाने के अंदाज में अपने कपड़े उतारकर डांस भी किया था। पुलिस ने विजयपाल और अंकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुरानी रंजिश भी बताई जा रही

वंदना कटारिया के भाई चंद्रशेखर कटारिया ने पुलिस को बताया था कि आरोपी विजयपाल उनसे रंजिश रखता है। इसके चलते उसने भारतीय महिला हॉकी टीम के ओलंपिक में हारने के बाद उनके घर के सामने पटाखे फोड़ते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग
चंद्रशेखर कटारिया ने तहरीर में कहा था कि आरोपियों के इस कृत्य से अनुसूचित जाति समाज और परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके साथ ही क्षेत्र और देश में भारी रोष है। लिहाजा आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।

वंदना के भाई चंद्रशेखर की तहरीर पर धारा 504 (किसी व्यक्ति को अपमानित/गाली गलौज करने) और धारा 3 (1) (एस) यानी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति के लिए जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। 
-सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, एसएसपी, हरिद्वार
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तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर

भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना काटारिया के घर के बाहर आतिशबाजी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को जिला न्यायालय से जमानत मिल गई है। आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने की है। 

सिडकुल थाना क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के बाहर असामाजिक तत्वों ने उस समय पटाखे फोड़े जब जब भारतीय टीम ओलंपिक में अर्जेंटीना की टीम से हार गई थी। जिसके बाद पुलिस दो सगे भाइयों विजयपाल को बृहस्पतिवार को और अंकुर पाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। शनिवार को तीसरे आरोपी सुमित चौहान को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था।

इस मामले में जिला जज विवेक भारती शर्मा की अदालत में पहले विजयपाल की जमानत अर्जी दाखिल की गई। जिसमें विजयपाल के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वंदना कटारिया की तरह आरोपी विजयपाल भी हॉकी खिलाड़ी हैं और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का विद्यार्थी हैं। 

दोनों परिवारों में पुरानी रंजिश चली आ रही है। एक दूसरे के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। उसी मुकदमे में दबाव बनाने के गलत आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही शनिवार को अंकुर पाल और सुमित चौहान की जमानत पर सुनवाई हुई। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का पुरजोर विरोध करते दलील दी कि आरोपियों ने एक राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी के परिवार के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज विवेक भारती शर्मा ने आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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