आचार्य बालकृष्ण ने एक टीवी इंटरव्यू में स्वामी रामदेव के बयानों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव मॉर्डन चिकित्सा पर दिए बयान पर खेद जता चुके हैं, फिर विवाद कहां रह गया। मॉर्डन पैथी के चिकित्सकों ने काला दिवस मनाकर प्रोपेगेंडा फैलाया।
उन्होंने कहा कि दिन न काला होता है न भूरा होता है। काला तो मन होता है। स्वामी रामदेव ने कोई विवाद नहीं खड़ा किया, बल्कि प्रश्न उठाए। प्रश्न तो खत्म नहीं होते हैं। प्रश्न बाबा रामदेव के नहीं बल्कि देश के हैं। आईएमए प्रश्न करेगा तो उत्तर देने के लिए वो तैयार हैं, लेकिन आईएमए में दुराग्रह और असम्मान है।
आयुर्वेद वालों को जब पता चला कि उनके खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है तो उन्होंने भी भगवा डे मनाया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर स्वामी रामदेव के बयान से कोई भ्रम नहीं फैला है। यदि भ्रम फैला है तो भारत सरकार उनको ब्रांड एंबेसडर बना दे। एक्टिंग और अनर्गल प्रलाप करने से नहीं होगा।