24 मई व 16 जून 2022 को ज्वालापुर तहसील में इकरारनामा हुआ। इन लोगों ने 85 लाख रुपये लेने के बाद 30 सितंबर 2022 तक बैनामा करने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि समय पूरा होने के बाद भी बैनामा करने के लिए टाल-मटोल करते रहे। 16 अगस्त 2024 को ट्रस्ट के अधिकारी विनोद कुमार सिक्का के साथ पांचों से संपर्क कर शेष रकम लेकर बैनामा करने के लिए कहा, तब उन्होंने साफ मना कर दिया।
धमकी दी संपत्ति नहीं बेचेंगे और पैसे भी वापस नहीं करेंगे। आरोप है कि एक ही संपत्ति को अन्य लोगों को भी बेचा गया है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।