सरकार ने अब संकेत दिए हैं कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चुनौती के बीच महाकुंभ का भव्य आयोजन तभी हो पाएगा जब इस भयानक महामारी से बचने का कोई दवा तैयार होगी। यानी फरवरी 2021 से पहले बाजार में कोरोना के इलाज की वैक्सीन आने का इंतजार सरकार को रहेगा। यदि वैक्सीन नहीं आती है तो फिर सरकार के पास महाकुंभ के आयोजन को कांवड यात्रा की तरह नियंत्रित करना होगा।
कोरोना काल में हमने कांवड मेले को नियंत्रित किया। महाकुंभ के दौरान उस समय की स्थितियों को देखा जाएगा। अगर वैक्सीन पहले आ जाती है तो इसका अलग व भव्य स्वरूप होगा। वरना कांवड मेले की तरह ही कुंभ में भी भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
- ओम प्रकाश, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन