अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने बैरागी कैंप पहुंचकर तीनों बैरागी अणी अखाड़ों के कुंभ मेला कार्यों का जायजा लिया। अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह और उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती भी साथ मौजूद रहे।
श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने मेला प्रशासन से तीनों वैष्णव अखाड़ों में बिजली, पानी और अतिरिक्त शौचालय एवं कोठार भंडार बनाने की मांग करते हुए कहा कि 15 मार्च के बाद बड़ी संख्या में वैष्णव संत हरिद्वार आएंगे। मेला प्रशासन सभी कार्य एवं बैरागी संतों के लिए मूलभूत सुविधाएं समय रहते उपलब्ध कराए। श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के स्थानीय प्रतिनिधि महंत प्रह्लाद दास ने कहा कि वैष्णव संतों के शिविर कुंभ मेले में आकर्षण का केंद्र होते हैं।
महंत दुर्गादास ने कहा कि मेला प्रारंभ होने में बहुत कम समय रह गया है। गीता आश्रम के संचालक महंत स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती ने कहा कि मेला प्रशासन को संतों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने संतों को आश्वासन दिया कि बैरागी संतों के हरिद्वार आगमन से पहले ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
नागा संन्यासियों के अखाड़ों में रमता पंच जिन्हें पंचपरमेश्वर भी कहा जाता है का महत्वपूर्ण स्थान है। रमता पंचों की पूरी जमात पूरे देश में सनातन धर्म का प्रचार करते हुए भ्रमण करती रहती हैं।
जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत मोहन भारती ने बताया कि कुंभ मेलों में जब पंच परमेश्वर छावनी प्रवेश कर लेते हैं तो कुंभ मेले एवं अखाड़ों की समस्त व्यवस्थाएं इनके हाथों में आ जाती हैं। कोठार और कारोबार पर इनका नियंत्रण हो जाता है।
समस्त आय-व्यय व अन्य व्यवस्थाएं इनकी देख-रेख में होती हैं। उन्होंने बताया जूना अखाड़ा के पंचपरमेश्वर की जमात में चार श्रीमहंत, चार अष्ट कौशल महंत, चार कोठारी, चार कारोबारी, चार भंडारी, चार कोतवाल, दो पुजारी और फुटकर साधु शामिल हैं।
रमता पंचों की जमात एक कुंभ मेला संपन्न होने पर दूसरे कुंभ मेले के लिए कूच कर जाती हैं। श्रीमहंत मोहन भारती ने कहा हरिद्वार कुंभ के समापन के बाद रमता पंच अपने लाव लश्कर जिनमें ट्रैक्टर-ट्राली, ट्रक और अन्य वाहनों के साथ 2024 के प्रयागराज कुंभ के लिए कूच कर जाएंगे।
रमता पंच का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। हरिद्वार कुंभ में वर्तमान रमता पंच का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और 12 अप्रैल के दूसरे शाही स्नान के नए पंचों का चयन कर लिया जाएगा। 14 अप्रैल का तीसर शाही स्नान नवनिर्वाचित रमता पंचों की सुनवाई में होगा।