महाकुंभ में आकर्षण का केंद्र रहने वाले नागा संन्यासियों का धर्मनगरी पहुंचना शुरू हो गया है। निरंजनी अखाड़ा में कन्या पूजन के साथ संन्यासियों का भव्य स्वागत हुआ। तीन मार्च को अखाड़ा की पेशवाई निकलेगी। सचिव और मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा में नागा संन्यासियों का सबसे बड़ा योगदान है। मुगल शासकों के समय में नागा संन्यासियों ने लड़ाई लड़कर सनातन धर्म की रक्षा की है।
अखाड़ा के सिद्ध महात्मा माने जाने वाले नागा संन्यासी श्रीमहंत रामवन हरिद्वार पहुंचे। अखाड़ा में उन्होंने कन्या पूजन किया। श्रीमहंत रामवन के अखाड़ा में पहुंचने पर श्रीमहंत रविंद्रपुरी और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि नागा संन्यासियों के पहुंचने के साथ निरंजनी अखाड़ा में कुंभ से जुड़े धार्मिक कार्यों का आगाज हो गया है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि नागा संन्यासियों का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना है। भगवान शंकर की तरह ही नागा संन्यासी वस्त्र नहीं पहनते हैं।
श्रीमहंत राम रतन गिरि ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए संत समाज ने हमेशा अपना योगदान दिया है। इस अवसर पर श्रीमहंत मनीष भारती, श्रीमहंत नरेश गिरि, श्रीमहंत राधे गिरि, गंगा गिरि, निलकंठ गिरि, राजगिरि, आनंद गिरि, राजेंद्र भारती, राकेश गिरीरि, रतन गिरि, दिगंबर विनोद गिरि, महेश गिरि, अनुज पुरी, नीतीश पुरी, सौरव गिरि, आनंद अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती आदि उपस्थित रहे।
श्रीमहंत रामवन बनवा चुके हैं 50 से अधिक मंदिर
श्रीमहंत रामवन अखाड़ा के सिद्ध महात्मा हैं। आजीवन वस्त्र नहीं पहने हैं। देशभर में 50 से अधिक मंदिर बनवाए हैं। वो जिस स्थान पर जाते हैं वहां ज्यादा दिन नहीं रुकते हैं। दूसरे स्थान पर तपस्या के लिए निकल जाते हैं। कभी पक्के मकान में निवास नहीं करते हैं। हमेशा तंबू में ही रहकर तपस्या करते हैं।
एसएमजेएन पीजी कॉलेज छावनी में आज पहुंचेंगी जमात
निरंजनी अखाड़ा के सवि श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने ब ताया कि आज बृहस्पतिवार को जमात पहुंच जाएंगी। जमातें एसएमजेएन पीजी कॉलेज में बनी छावनी में ठहरेंगी। वहां सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं।
अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह ने बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ा पहुंचकर तीनों वैष्णव अखाड़ों के श्रीमहंत एवं प्रतिनिधियों से मुलाकात कर कुंभ मेले की सुविधाओं पर चर्चा की। श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि 16 मार्च को बड़ी संख्या में बैरागी संत हरिद्वार पहुंचेंगे। मेला प्रशासन को 15 मार्च तक भूमि आवंटित कर बिजली, पानी, शौचालय की मूलभूत सुविधाएं प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सुविधा नहीं मिलती है तो बैरागी संत अपने शिविर और तंबू स्वयं लगाएंगे। श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि कोरोना महामारी को बहाना बनाकर मेला प्रशासन संतों को बरगला रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों से ऊर्जा का संचार होता है और पूरे विश्व में सकारात्मक संदेश जाता है। श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़ा के श्रीमहंत किशन दास ने कहा कि कुंभ मेला प्रारंभ होने में ज्यादा समय नहीं है। जल्द ही बैरागी संतों का हरिद्वार आना प्रारंभ हो जाएगा। अचानक बैरागी संतों की भारी भीड़ हरिद्वार पहुंचेगी।
मेला प्रशासन को समय रहते सभी कार्य पूर्ण कर लेने चाहिए। अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह ने सभी संतों को आश्वासन दिया कि कुंभ मेले के दौरान वैष्णव अखाड़ों के संतों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस दौरान जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य, महंत प्रह्लाद दास, महंत प्रेमदास, बाबा हठयोगी, महंत दुर्गादास, महंत विष्णुदास, महंत प्रमोद दास, महंत अवध बिहारी दास, महंत मोहनदास, महंत रामशरण दास, महंत सुखदेव दास, महंत सिंटू दास, महंत अगस्त दास मौजूद रहे।